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Hathras News: काव्य रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
Thu, 31 Jul 2025 12:27 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 31 Jul 2025 12:27 AM IST
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रेवती मैया मेले में कवियों का सम्मान करते आयोजक। स्रोत : स्वयं
- फोटो : samvad
किला स्थित दाऊजी मंदिर में चल रहे रेवती मैया मेले के तहत मंगलवार की रात को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। संस्कार भारती की टीम ने सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। कवियों ने काव्य रचनाओं की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके बाद संस्कार भारती की नवगठित जिला कार्यकारिणी को प्रांतीय उपाध्यक्ष नंद नंदन गर्ग, अध्यक्षता कर रहे कुंवरपाल उपाध्याय भंवर और प्रांतीय संरक्षक आशु कवि अनिल बौहरे ने शपथ ग्रहण कराई। नई कार्यकारिणी में जिलाध्यक्ष चेतन उपाध्याय, डाॅक्टर खेमचंद यदुवंशी, श्यामबाबू चिंतन, अतुल आंधीवाल एडवोकेट, अजय गौड़, प्रभुदयाल दीक्षित प्रभु, उप प्रधानाचार्य डाॅक्टर सुनीता उपाध्याय, दीप्ती वार्ष्णेय, सुखप्रीत सिंह सुखी, मधु शर्मा, सोनाली वार्ष्णेय, रूपम कुशवाहा सहित 25 सदस्य शामिल थे।
मनोज शर्मा ने मेरे बिगड़े बन गए हैं काम, लिया जो दाऊ रेवती नाम, सुनाई। मीरा दीक्षित ने लव थिरकने लगे शायरी हो गई, मैं तेरा हो गया तू मेरी हो गई, सुनाई। पंडित हाथरसी ने घरवाली कहने लगी सावन गयौ है आय, बार बार अब फोन पै भैया रहौ बुलाय, सुनाकर तालियां बटोरीं। सुखप्रीत सिंह सुखी शाहजहांपुर ने खोजकर वह खुशियों की चाभी ले आया, लप्पू सा सचिन पाक से भावी ले आया। कुंवरपाल भंवर, सोनाली वार्ष्णेय, रूपम कुशवाहा व चेतन उपाध्याय ने भी काव्य पाठ किया।
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इसके बाद संस्कार भारती की नवगठित जिला कार्यकारिणी को प्रांतीय उपाध्यक्ष नंद नंदन गर्ग, अध्यक्षता कर रहे कुंवरपाल उपाध्याय भंवर और प्रांतीय संरक्षक आशु कवि अनिल बौहरे ने शपथ ग्रहण कराई। नई कार्यकारिणी में जिलाध्यक्ष चेतन उपाध्याय, डाॅक्टर खेमचंद यदुवंशी, श्यामबाबू चिंतन, अतुल आंधीवाल एडवोकेट, अजय गौड़, प्रभुदयाल दीक्षित प्रभु, उप प्रधानाचार्य डाॅक्टर सुनीता उपाध्याय, दीप्ती वार्ष्णेय, सुखप्रीत सिंह सुखी, मधु शर्मा, सोनाली वार्ष्णेय, रूपम कुशवाहा सहित 25 सदस्य शामिल थे।
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मनोज शर्मा ने मेरे बिगड़े बन गए हैं काम, लिया जो दाऊ रेवती नाम, सुनाई। मीरा दीक्षित ने लव थिरकने लगे शायरी हो गई, मैं तेरा हो गया तू मेरी हो गई, सुनाई। पंडित हाथरसी ने घरवाली कहने लगी सावन गयौ है आय, बार बार अब फोन पै भैया रहौ बुलाय, सुनाकर तालियां बटोरीं। सुखप्रीत सिंह सुखी शाहजहांपुर ने खोजकर वह खुशियों की चाभी ले आया, लप्पू सा सचिन पाक से भावी ले आया। कुंवरपाल भंवर, सोनाली वार्ष्णेय, रूपम कुशवाहा व चेतन उपाध्याय ने भी काव्य पाठ किया।
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