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शासनादेश जारी करने की मांग को लेकर लेखपालों ने भरी हुंकार
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शासनादेश जारी करने के लिए लेखपालों ने भरी हुंकार
तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर की नारेबाजी, सीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले तहसील सदर में सभी कार्यों से विरक्त रहकर लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर जमकर नारेबाजी की। अध्यक्षता नरेंद्र तिवारी ने की और संचालन बलवीर सिंह ने किया। सीएम के नाम एक ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
वक्ताओं ने एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, प्रोन्नति काडर रिव्यू, पेंशन विसंगति, भत्ते, राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तन, कृषि विभाग की पीएम किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश की भांति प्रशासनिक व्यय दिए जाने आदि मांगों को लेकर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी हमारी मांगों पर सहमति व्यक्त करने के बाद भी गत दो वर्षों से शासनादेश जारी नहीं कर रही है। इससे स्पष्ट है कि जब तक पूर्ण रुप से लेखपाल काम बंद नहीं करते, तब तक कोई शासनादेश जारी नहीं होगा।
वक्ताओं ने ऐसे में शीघ्र पूर्ण बहिष्कार कर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। इस मौके पर शंकर सिंह, रमेश चंद्र, राम निवास सिंह, रमेश चंद्र, पंकज कौशिक, राघवेंद्र सिंह, विनय चौधरी, मेघा जैन, श्वेता यादव, साची, ऐजाज मेहंदी, सुनील शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, रुचि सिंह आदि मौजूद थे।
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तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर की नारेबाजी, सीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले तहसील सदर में सभी कार्यों से विरक्त रहकर लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर जमकर नारेबाजी की। अध्यक्षता नरेंद्र तिवारी ने की और संचालन बलवीर सिंह ने किया। सीएम के नाम एक ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
वक्ताओं ने एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, प्रोन्नति काडर रिव्यू, पेंशन विसंगति, भत्ते, राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तन, कृषि विभाग की पीएम किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश की भांति प्रशासनिक व्यय दिए जाने आदि मांगों को लेकर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी हमारी मांगों पर सहमति व्यक्त करने के बाद भी गत दो वर्षों से शासनादेश जारी नहीं कर रही है। इससे स्पष्ट है कि जब तक पूर्ण रुप से लेखपाल काम बंद नहीं करते, तब तक कोई शासनादेश जारी नहीं होगा।
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वक्ताओं ने ऐसे में शीघ्र पूर्ण बहिष्कार कर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। इस मौके पर शंकर सिंह, रमेश चंद्र, राम निवास सिंह, रमेश चंद्र, पंकज कौशिक, राघवेंद्र सिंह, विनय चौधरी, मेघा जैन, श्वेता यादव, साची, ऐजाज मेहंदी, सुनील शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, रुचि सिंह आदि मौजूद थे।
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