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Hathras: सत्संग के लिए जमीन देने वाले व्यक्ति की हुई गवाही, 121 लोगों की हुई थी मौत, अगली सुनवाई 16 अप्रैल को
Thu, 09 Apr 2026 09:32 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 09 Apr 2026 09:32 PM IST
सार
नारायण साकार हरि के 2 जुलाई 2024 को सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित सत्संग में भगदड़ मच गई थी। हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें करीब 250 लोग घायल हुए थे। न्यायालय में पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों के विरुद्ध 3200 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया था।
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हाथरस सत्संग हादसे से पहले भीड़
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
हाथरस के बहुचर्चित सत्संग हादसे में 9 अप्रैल को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय में भोले बाबा के सत्संग के लिए जमीन देने वाले की गवाही हुई। न्यायालय ने अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तिथि नियत की है।
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उल्लेखनीय है कि सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के 2 जुलाई 2024 को सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित सत्संग में भगदड़ मच गई थी। हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें करीब 250 लोग घायल हुए थे। न्यायालय में पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों के विरुद्ध 3200 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया था।
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इस मामले में पुलिस ने 676 गवाह बनाए हैं। न्यायालय में मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, रामलड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, रामप्रकाश शाक्य व दलवीर सिंह पर मुकदमा चल रहा है। 9 अप्रैल को न्यायालय में सत्संग के लिए जमीन देने वाले गांव फुलरई निवासी गनपत की गवाही हुई। उन्होंने बताया कि सत्संग के लिए उन्होंने जमीन निशुल्क दी थी।
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