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बड़े टेंशन में है पुलिस
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:11 AM IST
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police
- फोटो : File photo
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पुलिस कर्मी के लिए ड्यूटी के कितने घंटे निर्धारित हैं इस एक सवाल का कोई एक जवाब नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता गौरव अग्रवाल की आरटीआई में जिले के थानों से जो जवाब आए वह हैरत जताने वाले हैं।
किसी थाने के अनुसार ड्यूटी टाइम आठ घंटे है तो दूसरा थाना बारह घंटे ड्यूटी बता रहा है। कोई चौबीस पुलिस भर्ती में ही चौबीस घंटे ड्यूटी की अनिवार्यता तो किसी थाने के मुताबिक विशेष परिस्थिति में ही चौबीस घंटे ड्यूटी ली जा सकती है। कोई एक मानक न होने से पुलिस कर्मी बदनतोड़ ड्यूटी करने को मजबूर हैं।
घर से दूरी, छुट्टी न मिलने से उनमें तनाव की समस्या भी बढ़ रही है। तनावग्रस्त पुलिसकर्मी ब्लडप्रेशर, शुगर, हाईपरटेंशन जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। खुद का आपा खो रहे हैं। बुलंदशहर पुलिस लाइन की घटना उदाहरण है, जहां एक सिपाही ने साथी पुलिसकर्मियों को गोली मारने के बाद आत्महत्या कर ली। पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
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यही स्थिति अवकाश को लेकर भी है। कुछ दिन पहले डीजीपी ने पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश की घोषणा की थी, लेकिन अवकाश भी अफसरों की मेहरबानी पर है।
कुछ दिन पूर्व पुलिस लाइन में लगे हेल्थ चेकअप कैंप में पुलिस कर्मियों में बीमारियों की बाढ़ सी नजर आई थी। हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, शुगर सहित तमाम तरह की बीमारियां उनमें मिली थी। डा. आईवी सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मी भागदौड़ भरी ड्यूटी करते हैं। पूरी नींद नहीं मिलने, असमय सोने और खाने के कारण बीमारियां अपनी चपेट में ले लेती हैं। क ई साल तक इस तरह ड्यूटी से चिड़चिड़े भी हो जाते हैं।
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किसी थाने के अनुसार ड्यूटी टाइम आठ घंटे है तो दूसरा थाना बारह घंटे ड्यूटी बता रहा है। कोई चौबीस पुलिस भर्ती में ही चौबीस घंटे ड्यूटी की अनिवार्यता तो किसी थाने के मुताबिक विशेष परिस्थिति में ही चौबीस घंटे ड्यूटी ली जा सकती है। कोई एक मानक न होने से पुलिस कर्मी बदनतोड़ ड्यूटी करने को मजबूर हैं।
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घर से दूरी, छुट्टी न मिलने से उनमें तनाव की समस्या भी बढ़ रही है। तनावग्रस्त पुलिसकर्मी ब्लडप्रेशर, शुगर, हाईपरटेंशन जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। खुद का आपा खो रहे हैं। बुलंदशहर पुलिस लाइन की घटना उदाहरण है, जहां एक सिपाही ने साथी पुलिसकर्मियों को गोली मारने के बाद आत्महत्या कर ली। पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
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यही स्थिति अवकाश को लेकर भी है। कुछ दिन पहले डीजीपी ने पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश की घोषणा की थी, लेकिन अवकाश भी अफसरों की मेहरबानी पर है।
कुछ दिन पूर्व पुलिस लाइन में लगे हेल्थ चेकअप कैंप में पुलिस कर्मियों में बीमारियों की बाढ़ सी नजर आई थी। हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, शुगर सहित तमाम तरह की बीमारियां उनमें मिली थी। डा. आईवी सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मी भागदौड़ भरी ड्यूटी करते हैं। पूरी नींद नहीं मिलने, असमय सोने और खाने के कारण बीमारियां अपनी चपेट में ले लेती हैं। क ई साल तक इस तरह ड्यूटी से चिड़चिड़े भी हो जाते हैं।