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Hathras News: सादाबाद से अपहृत किशोर झांसी में रेलवे पुलिस को मिला
Thu, 20 Aug 2026 02:15 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:15 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
विनोबा चौराहा से अपहृत किशोर सोमवार रात को झांसी रेलवे पुलिस को मिल गया। होश आने पर वह भीड़ का फायदा उठाते हुए झांसी रेलवे स्टेशन पर उतर गया था और सीधे पुलिस के पास पहुंचा। झांसी की बाल कल्याण समिति ने किशोर को बुधवार को उसके पिता के सुपुर्द किया।
सहपऊ के गांव मढ़ापिथू का रहने वाला ललित कुमार कक्षा 11वीं का छात्र है। ललित 17 अगस्त की सुबह करीब नौ बजे स्कूल जा रहा था। सादाबाद में विनोबा चौराहा के पास पहुंचा, तो ईको कार सवार दो युवकों ने रास्ता पूछने के बहाने उसे कार में खींच लिया और रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया।
जब उसे होश आया तो वह एक चलती ट्रेन में था और अपहरणकर्ता उसे चुप रहने की धमकी दे रहे थे। करीब 15 मिनट बाद जब ट्रेन झांसी रेलवे स्टेशन पर रुकी, तो किशोर ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाई। भीड़ का फायदा उठाते हुए वह ट्रेन से कूद गया और सीधे रेलवे पुलिस के पास जा पहुंचा। तब तक ट्रेन वहां से रवाना हो चुकी थी।
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बाल कल्याण समिति ने परिजनों को सौंपा
रेलवे पुलिस को पूरी घटना बताने के बाद किशोर को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने तुरंत उसके परिजनों को इसकी सूचना दी और पिता को बुलाकर किशोर सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। बेटे के सही-सलामत घर लौटने पर परिवार ने राहत की सांस ली है।
अपहरण की बात सामने नहीं आई है। किशोर खुद ही यहां से चला गया था। रेलवे पुलिस ने उसे खोज लिया था। परिजन उसे झांसी से ले आए हैं। -विजय कुमार सिंह, एसएचओ सादाबाद
पिता ने अपहरण की बात से किया इन्कार
गांव मढ़ापिथू के ललित कुमार के पिता हरिओम चौधरी ने अपहरण की बात से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि बेटे का हाथरस के स्कूल में प्रवेश दिलाया था। वहा रोजाना की तरह स्कूल के लिए निकला, लेकिन वह खुद ही कहीं चला गया था।
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सहपऊ के गांव मढ़ापिथू का रहने वाला ललित कुमार कक्षा 11वीं का छात्र है। ललित 17 अगस्त की सुबह करीब नौ बजे स्कूल जा रहा था। सादाबाद में विनोबा चौराहा के पास पहुंचा, तो ईको कार सवार दो युवकों ने रास्ता पूछने के बहाने उसे कार में खींच लिया और रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया।
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जब उसे होश आया तो वह एक चलती ट्रेन में था और अपहरणकर्ता उसे चुप रहने की धमकी दे रहे थे। करीब 15 मिनट बाद जब ट्रेन झांसी रेलवे स्टेशन पर रुकी, तो किशोर ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाई। भीड़ का फायदा उठाते हुए वह ट्रेन से कूद गया और सीधे रेलवे पुलिस के पास जा पहुंचा। तब तक ट्रेन वहां से रवाना हो चुकी थी।
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बाल कल्याण समिति ने परिजनों को सौंपा
रेलवे पुलिस को पूरी घटना बताने के बाद किशोर को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने तुरंत उसके परिजनों को इसकी सूचना दी और पिता को बुलाकर किशोर सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। बेटे के सही-सलामत घर लौटने पर परिवार ने राहत की सांस ली है।
अपहरण की बात सामने नहीं आई है। किशोर खुद ही यहां से चला गया था। रेलवे पुलिस ने उसे खोज लिया था। परिजन उसे झांसी से ले आए हैं। -विजय कुमार सिंह, एसएचओ सादाबाद
पिता ने अपहरण की बात से किया इन्कार
गांव मढ़ापिथू के ललित कुमार के पिता हरिओम चौधरी ने अपहरण की बात से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि बेटे का हाथरस के स्कूल में प्रवेश दिलाया था। वहा रोजाना की तरह स्कूल के लिए निकला, लेकिन वह खुद ही कहीं चला गया था।