Tatkal Ticket: लाइन में लगे थे तो कुछ भर रहे फॉर्म, 48 सेकेंड में हुईं तीन टिकट, तत्काल कोटे का आरक्षण फुल
जैसे ही 10 बजे तत्काल कोटा खुला, काउंटर पर तेजी से टिकट बुकिंग शुरू हुई। पहले तीन यात्रियों को मुंबई, जम्मू और सूबेदारगंज के लिए कन्फर्म टिकट मिल गए, लेकिन चौथे नंबर पर खड़े सचिन कुमार का आवेदन फीड होते-होते महज 48 सेकेंड में कोटा फुल हो गया और स्क्रीन पर ‘नो रूम’ दिखाई देने लगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गर्मियों की छुट्टियों में रेल यात्रियों की बढ़ती भीड़ का असर 30 मई को हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र पर साफ दिखाई दिया। एसी श्रेणी के तत्काल टिकटों की बुकिंग सुबह 10 बजे शुरू होनी थी, लेकिन यात्री तड़के तीन-चार बजे से ही लाइन में लग गए थे। महज 48 मिनट में ही तीन टिकट बुक होते ही तत्काल कोटा फुल हो गया और कतार में लगे कई यात्री मायूस होकर लौट गए।
विजयवाड़ा जाने के लिए पहुंचे सचिन कुमार सुबह साढ़े तीन बजे स्टेशन पहुंच गए थे। उनके बाद भी कई यात्री जम्मू, मुंबई और बिहार जाने के लिए कतार में लग गए। जैसे ही 10 बजे तत्काल कोटा खुला, काउंटर पर तेजी से टिकट बुकिंग शुरू हुई। पहले तीन यात्रियों को मुंबई, जम्मू और सूबेदारगंज के लिए कन्फर्म टिकट मिल गए, लेकिन चौथे नंबर पर खड़े सचिन कुमार का आवेदन फीड होते-होते महज 48 सेकेंड में कोटा फुल हो गया और स्क्रीन पर ‘नो रूम’ दिखाई देने लगा। जम्मू जाने की योजना बना रहे आकाश भी सुबह चार बजे से लाइन में लगे थे। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रयास किया, लेकिन टिकट नहीं मिल सका। टिकट न मिलने से उनकी यात्रा की योजना प्रभावित हो गई।
परिवार के साथ जम्मू जाने के लिए तत्काल टिकट लेने आए थे। रात से कतार में लगने के बावजूद टिकट नहीं मिल सका। टिकट खुलते ही कुछ सेकेंड में सभी सीटें भर गईं। लगता है कि योजना की योजना टालनी पड़ेगी-आकाश निवासी नाई का नगला।
विजयवाड़ा जाने के लिए काउंटर के साथ-साथ ऑनलाइन भी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। छुट्टियों के कारण ट्रेनों में इतनी अधिक भीड़ है कि तत्काल टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है। अब कल फिर प्रयास करुंगा।-सचिन कुमार, निवासी गांव मनिपुर।
भीड़ देख लौटे यात्री
सुबह छह से आठ बजे के बीच कई यात्री आरक्षण केंद्र पहुंचे, लेकिन लंबी कतार देखकर बिना प्रयास किए ही वापस लौट गए। एसी तत्काल कोटे में नौ यात्रियों में से केवल तीन को कन्फर्म टिकट मिला, जबकि छह को निराशा हाथ लगी। वहीं स्लीपर श्रेणी में 12 यात्रियों में से सिर्फ दो को ही कन्फर्म टिकट मिल सका।
तत्काल कोटे में भी टिकट मुश्किल
मुख्य वाणिज्य अधीक्षक विपिन सारस्वत ने बताया कि इन दिनों जम्मू, मुंबई और बिहार मार्ग की ट्रेनों में मांग सबसे अधिक है। छुट्टियों के कारण अधिकांश ट्रेनों में सीटें पहले से फुल चल रही हैं, जिससे तत्काल कोटे में भी टिकट मिलना बेहद कठिन हो गया है।