Hathras: निजी अस्पताल सड़कों पर गंदगी फैलाने से नहीं आ रहे बाज, कूड़े के ढेर पर मिलीं सिरिंज व इंजेक्शन
सड़कों पर चिकित्सा कचरा डालने का मुद्दा अमर उजाला ने सात दिसंबर के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने दो प्राइवेट अस्पताल व एक क्लीनिक को नोटिस दिया था।
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चिकित्सा कचरा का नियमानुसार निस्तारण नहीं कराने पर दिए गए नोटिसों के बाद भी निजी अस्पताल सड़कों पर गंदगी फैलाने से बाज नहीं आ रहे। 18 जनवरी की सुबह हाथरस के अलीगढ़ रोड पर प्राइवेट अस्पताल के बाहर कचरे के ढेर पर सिरिंज व इंजेक्शन पड़े मिले। इसकी जांच कराई जा रही है।
बता दें कि प्राइवेट अस्पताल संचालन के लिए चिकित्सा कचरा प्रबंधन सर्टिफिकेट लेना आवश्यक है। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों से चिकित्सा कचरा उठाने के लिए स्वास्थ्य विभाग निजी कंपनियों को टेंडर जारी करता है। जुलाई 2025 में यह टेंडर मथुरा की कंपनी बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल एजेंसी को दिया गया है।
इस कंपनी के स्थानीय प्रबंधक मोहन गर्ग के मुताबिक केवल 86 चिकित्सकीय इकाइयों ने सर्टिफिकेट रिन्यू कराया है, इनमें मात्र 46 अस्पताल हैं, जबकि पंजीकृत निजी अस्पतालों की संख्या 137 है, बाकी क्लीनिक व पैथोलॉजी लैब हैं। सड़कों पर चिकित्सा कचरा डालने का मुद्दा अमर उजाला ने सात दिसंबर के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने दो प्राइवेट अस्पताल व एक क्लीनिक को नोटिस दिया था। इस नोटिस पर अस्पतालों ने सफाई दी थी कि उनका चिकित्सा प्रबंधन सर्टिफिकेट मान्य है, फर्म उनके अस्पताल से कचरा उठा रही है। इसके बाद इनकी लॉग बुक भी चेक कराई गई थी।
नोटिस देने पर प्राइवेट अस्पतालों ने सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया था। संबंधित फर्म से बात कर पता किया जाएगा कि किन-किन अस्पतालों ने सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं कराए हैं। यह भी पता लगाया जाएगा कि कौन सा अस्पताल खुले में कचरा फेंक रहा है।-डाॅ. एमआई आलम, डिप्टी सीएमओ।