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अवैध डिग्री से भर्ती शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Tue, 31 Oct 2017 11:46 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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देश सरकार द्वारा डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड की अवैध डिग्री से भर्ती शिक्षकों की सेवा समाप्त करने के आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी रेखा समुन को प्राप्त हो गए हैं। शासन ने बीएसए को एक सीडी भी उपलब्ध कराई है, जिसमें जिले में करीब 200 से अधिक शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र अवैध होने की जानकारी दी गई। इसे लेकर अब विभाग में हलचल तेज हो गई है।
बेसिक शिक्षा परिषद से आदेश मिलने के बाद बीएसए रेखा सुमन ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। उन्होंने अपने आदेश में साफ कहा है कि वह अपने विकास खंड के शिक्षा सत्र 2004-05 से 2009 तक के बीएड कर विभाग में शिक्षक बनने वाले सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की स्व प्रमाणित प्रति कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इन शैक्षिक प्रमाण पत्रों में शिक्षकों के बीएड, बीटीसी और स्नातक आदि के सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों को शामिल किया गया है, जिससे इन सभी के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का विधिवत रूप से सत्यापन किया जा सके।
गौर हो कि डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2004-05 में बीएड करने के बाद विभाग में शिक्षक बनने वाले शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को उच्च न्यायालय द्वारा अवैध घोषित किया जा चुका है। शासन द्वारा इस मामले में विश्वविद्यालय की विधिवत रूप से विशेष जांच दल (एसआईटी) के माध्यम से जांच भी कराई जा रही है। इसकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने पिछले दिनों प्रदेश भर के 4500 से अधिक शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को अवैध मानते हुए इनके खिलाफ समस्त बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बर्खास्तगी की कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं।
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इन सभी शिक्षकों की शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को एक सीडी भी उपलब्ध कराई है। शासन की इस कार्रवाई से बचने के लिए अब यह शिक्षक विभाग में अपने खास लोगों से संपर्क साधने लगे हैं, जबकि कुछ ने विश्वविद्यालय की दौड़ लगाना भी शुरू कर दिया है, जिससे किसी तरह बर्खास्तगी की कार्रवाई से बचा जा सके।
शासन से अवैध बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों की बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं। आदेश विभाग को प्राप्त हो गए हैं। खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से इन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की प्रमाणित छाया प्रति मांगी गई है, जिनकी जांच कराके विधिवत रूप से कार्रवाई की जाएगी।
रेखा सुमन, बीएसए हाथरस
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बेसिक शिक्षा परिषद से आदेश मिलने के बाद बीएसए रेखा सुमन ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। उन्होंने अपने आदेश में साफ कहा है कि वह अपने विकास खंड के शिक्षा सत्र 2004-05 से 2009 तक के बीएड कर विभाग में शिक्षक बनने वाले सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की स्व प्रमाणित प्रति कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इन शैक्षिक प्रमाण पत्रों में शिक्षकों के बीएड, बीटीसी और स्नातक आदि के सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों को शामिल किया गया है, जिससे इन सभी के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का विधिवत रूप से सत्यापन किया जा सके।
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गौर हो कि डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2004-05 में बीएड करने के बाद विभाग में शिक्षक बनने वाले शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को उच्च न्यायालय द्वारा अवैध घोषित किया जा चुका है। शासन द्वारा इस मामले में विश्वविद्यालय की विधिवत रूप से विशेष जांच दल (एसआईटी) के माध्यम से जांच भी कराई जा रही है। इसकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने पिछले दिनों प्रदेश भर के 4500 से अधिक शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को अवैध मानते हुए इनके खिलाफ समस्त बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बर्खास्तगी की कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं।
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इन सभी शिक्षकों की शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को एक सीडी भी उपलब्ध कराई है। शासन की इस कार्रवाई से बचने के लिए अब यह शिक्षक विभाग में अपने खास लोगों से संपर्क साधने लगे हैं, जबकि कुछ ने विश्वविद्यालय की दौड़ लगाना भी शुरू कर दिया है, जिससे किसी तरह बर्खास्तगी की कार्रवाई से बचा जा सके।
शासन से अवैध बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों की बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं। आदेश विभाग को प्राप्त हो गए हैं। खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से इन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की प्रमाणित छाया प्रति मांगी गई है, जिनकी जांच कराके विधिवत रूप से कार्रवाई की जाएगी।
रेखा सुमन, बीएसए हाथरस