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Hathras News: मथुरा-कासगंज रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का सर्वे पूरा

Sat, 25 Oct 2025 02:41 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Oct 2025 02:41 AM IST
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Survey for doubling of Mathura-Kasganj railway track completed
मथुरा-कासगंज रेल खंड के हाथरस सिटी स्टेशन पर बिछा ट्रैक। संवाद - फोटो : samvad
मथुरा-कासगंज रेलवे लाइन के दोहरीकरण को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया में अब तेजी आ गई है। रेलवे ने 105 किलोमीटर लंबे ट्रैक के सर्वे कार्य को पूरा कर लिया है। इसमें यह पता लगाया गया है कि किन-किन स्थानों पर रेलवे की भूमि पर्याप्त है, ट्रैक विस्तार या एलीवेटेड लाइन बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी।
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पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर की ओर से इस परियोजना के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। सर्वे में मौजूद पुल, पुलिया, स्टेशन, रेलवे क्रॉसिंग, ओवरब्रिज, अंडरपास और अन्य वस्तुस्थति का बारीकी से अध्ययन किया गया है। विशेष रूप से हाथरस, मुरसान और राया के बीच के हिस्से में रेलवे की जमीन अपेक्षाकृत कम होने के कारण भूमि अधिग्रहण एक बड़ी चुनौती बन सकता है। डीपीआर में यह भी दर्ज किया जा रहा है कि ट्रैक के दोनों ओर कितनी चौड़ाई की जरूरत होगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही तय किया जाएगा कि संकरी जगहों पर एलीवेटेड ट्रैक या डबल लाइन तैयार की जाए।
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बढ़ेगी ट्रेनें और गति

परियोजना के पूरा होने पर मथुरा-कासगंज रूट पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और ट्रैफिक ब्लॉक व देरी की समस्या में कमी आएगी। वर्तमान में इस रूट पर पैसेंजर और कुछ एक्सप्रेस ट्रेनें चलती हैं, जिनकी संख्या सिंगल ट्रैक होने के कारण बढ़ नहीं पा रही हैं, वहीं इन ट्रेनों का गति का औसत भी कम आ रहा है।
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मेंडू स्टेशन का बढ़ सकता है महत्व

कासगंज-मथुरा रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण को लेकर जहां एक ओर डीपीआर तैयार करने में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसमें हाथरस, मुरसान व राया में जमीन की उपलब्धता अहम है। वहीं दूसरी ओर मेंडू स्टेशन का महत्व भी बढ़ सकता है, क्योंकि मेंडू पर रेलवे की काफी भूमि है। इस स्टेशन से ही उत्तर मध्य रेलवे के दिल्ली हावड़ा ट्रैक को जोड़ा जाएगा।





देख कर पता नहीं चलता, डीपीआर में यह सामने निकल कर आएगा कि कहां कितनी जगह उपलब्ध है। जरुरी नहीं कि जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता पड़े। सर्वे में सबकुछ देखा गया है, इसमें यार्ड का प्लान बनाया गया है। कितने पुल हैं, कितने बनेंगे आदि सब कुछ देखा गया है। जल्द ही डीपीआर बनेगा, जो रेलवे बोर्ड को स्वीकृति के लिए जाएगा।- पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे।


01 जोड़ी भी दैनिक ट्रेन का संचालन नहीं हुआ वर्ष 2009 से अब तक।

05 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का होता है मथुरा-कासगंज रेल खंड पर संचालन।

02 जोड़ी त्रैसाप्ताहिक ट्रेन का संचालन होता है इस ट्रैक पर।

19 जोड़ी साप्ताहिक ट्रेनों का होता इस ट्रैक पर संचालन।

11 रेलवे स्टेशन हैं, कासगंज से मथुरा छावनी के बीच।

105 किलोमीटर का है मथुरा कासगंज का रेलवे ट्रैक
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