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Hathras News: कृषि स्नातक की पढ़ाई के लिए आगरा-अलीगढ़ दौड़ रहे छात्र
Tue, 13 Oct 2026 01:57 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 13 Oct 2026 01:57 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
जिले में कृषि क्षेत्र का दायरा काफी बड़ा होने के बावजूद उच्च शिक्षा का हाल यह है कि जिले के एक भी महाविद्यालय में कृषि विषय से स्नातक की मान्यता नहीं है। नतीजतन, कृषि में भविष्य संवारने का सपना देखने वाले जिले के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए रोज अलीगढ़ और आगरा की दौड़ लगानी पड़ रही है।
जिले का कुल क्षेत्रफल करीब 1,80,303 हेक्टेयर है, जिसमें से लगभग 1,49,303 हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। कृषि बाहुल्य जिला होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कृषि की आधुनिक शिक्षा का भारी अभाव है। आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रतिवर्ष इंटरमीडिएट स्तर पर लगभग 350 छात्र कृषि विषय से परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं।
स्थानीय स्तर पर स्नातक में यह विषय उपलब्ध न होने के कारण इनमें से अधिकांश विद्यार्थी पड़ोस के जनपद अलीगढ़ स्थित इगलास के शिवदान सिंह महाविद्यालय में प्रवेश लेते हैं। वहीं कई छात्र आगरा का रुख करते हैं, जबकि साधनविहीन छात्र मन मारकर कला अथवा विज्ञान के अन्य विषयों में दाखिला लेने के लिए विवश हो जाते हैं।
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पीसी बागला महाविद्यालय के प्राचार्य महावीर सिंह छौंकर ने बताया कि जिले में कुल 90 महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इनमें से किसी भी कॉलेज में कृषि विषय से स्नातक की मान्यता नहीं है। हमारी कोशिश है कि हमारे महाविद्यालय में एग्रीकल्चर की ब्रांच आए तो छात्रों को आसानी हो।
कृषि से 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद हाथरस के कई महाविद्यालयों में बीएससी (कृषि) के लिए प्रयास किया, लेकिन कहीं भी यह विषय नहीं मिला। अंततः मजबूर होकर दूसरे जिले के कॉलेज में प्रवेश लेना पड़ा।
-धीरज प्रताप निवासी आगरा रोड, हाथरस।
हाथरस में कृषि कॉलेज की सुविधा न होने और बाहर जाकर पढ़ाई करने में काफी दिक्कतें आती हैं। यह समझ लीजिए कि पढ़ाई के करीब दो से तीन घंटे आने-जाने में ही खर्च हो जाते हैं। जिले को कृषि से संबंधित महाविद्यालय की आवश्यकता है।
-प्रिंस चौधरी निवासी हरिओम एन्क्लेव।
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जिले का कुल क्षेत्रफल करीब 1,80,303 हेक्टेयर है, जिसमें से लगभग 1,49,303 हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। कृषि बाहुल्य जिला होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कृषि की आधुनिक शिक्षा का भारी अभाव है। आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रतिवर्ष इंटरमीडिएट स्तर पर लगभग 350 छात्र कृषि विषय से परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं।
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स्थानीय स्तर पर स्नातक में यह विषय उपलब्ध न होने के कारण इनमें से अधिकांश विद्यार्थी पड़ोस के जनपद अलीगढ़ स्थित इगलास के शिवदान सिंह महाविद्यालय में प्रवेश लेते हैं। वहीं कई छात्र आगरा का रुख करते हैं, जबकि साधनविहीन छात्र मन मारकर कला अथवा विज्ञान के अन्य विषयों में दाखिला लेने के लिए विवश हो जाते हैं।
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पीसी बागला महाविद्यालय के प्राचार्य महावीर सिंह छौंकर ने बताया कि जिले में कुल 90 महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इनमें से किसी भी कॉलेज में कृषि विषय से स्नातक की मान्यता नहीं है। हमारी कोशिश है कि हमारे महाविद्यालय में एग्रीकल्चर की ब्रांच आए तो छात्रों को आसानी हो।
कृषि से 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद हाथरस के कई महाविद्यालयों में बीएससी (कृषि) के लिए प्रयास किया, लेकिन कहीं भी यह विषय नहीं मिला। अंततः मजबूर होकर दूसरे जिले के कॉलेज में प्रवेश लेना पड़ा।
-धीरज प्रताप निवासी आगरा रोड, हाथरस।
हाथरस में कृषि कॉलेज की सुविधा न होने और बाहर जाकर पढ़ाई करने में काफी दिक्कतें आती हैं। यह समझ लीजिए कि पढ़ाई के करीब दो से तीन घंटे आने-जाने में ही खर्च हो जाते हैं। जिले को कृषि से संबंधित महाविद्यालय की आवश्यकता है।
-प्रिंस चौधरी निवासी हरिओम एन्क्लेव।