{"_id":"9a070cab707061af7e2eba0acdd72bb7","slug":"student-make-human-series-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यार्थियों ने बनाई मानव शृंखला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यार्थियों ने बनाई मानव शृंखला
hathras
Updated Wed, 02 Dec 2015 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। आगरा रोड पर सेकसरिया सुशीला देवी पब्लिक स्कूल में मंगलवार को विश्व एड्स दिवस के मौके पर बच्चों में एड्स के प्रति जागरूकता पैदा की गई। इस दौरान बच्चों ने एड्स सिंबल की प्रतिरूप मानव शृंखला भी बनाई।
प्रार्थना सभा में विश्व एड्स दिवस के बारे में विद्यालय की जीव विज्ञान अध्यापिका प्रियंका जैन ने बताया कि एड्स का सर्वप्रथम मूल्याकंन विश्व में अमेरिका में 1981 किया गया। 1986 में भारत में तमिलनाडु में पाया गया।
उन्होंने बताया की यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में असुरक्षित शारीरिक संबंधों से होती है। एड्स की बीमारी संक्रमित व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आने से भी फैलती है। इस बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए जागरूकता और शिक्षा की बहुत आवश्यकता है।
विज्ञापन
कक्षा 11 की छात्रा कृति गौर ने बताया कि विटामिन डी की कमी के कारण एड्स संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया की बच्चे देश के भविष्य हैं। युवा पीढ़ी में जागरूकता लानी होगी ताकि वो एड्स को इस देश से हटाने का प्रयास करें।
इस मौके पर विद्यालय के कक्षा 6 ए, 7ए व 8 के बच्चो ने समाज में एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मानव शृंखला द्वारा एड्स सिंबल रेड रिबन प्रार्थना स्थल पर बनाया और समाज को संदेश दिया कि एड्स से बचें। इस मौके पर शिक्षक शिक्षिकाओं का सहयोग भी सराहनीय रहा।
विज्ञापन
प्रार्थना सभा में विश्व एड्स दिवस के बारे में विद्यालय की जीव विज्ञान अध्यापिका प्रियंका जैन ने बताया कि एड्स का सर्वप्रथम मूल्याकंन विश्व में अमेरिका में 1981 किया गया। 1986 में भारत में तमिलनाडु में पाया गया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया की यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में असुरक्षित शारीरिक संबंधों से होती है। एड्स की बीमारी संक्रमित व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आने से भी फैलती है। इस बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए जागरूकता और शिक्षा की बहुत आवश्यकता है।
विज्ञापन
कक्षा 11 की छात्रा कृति गौर ने बताया कि विटामिन डी की कमी के कारण एड्स संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया की बच्चे देश के भविष्य हैं। युवा पीढ़ी में जागरूकता लानी होगी ताकि वो एड्स को इस देश से हटाने का प्रयास करें।
इस मौके पर विद्यालय के कक्षा 6 ए, 7ए व 8 के बच्चो ने समाज में एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मानव शृंखला द्वारा एड्स सिंबल रेड रिबन प्रार्थना स्थल पर बनाया और समाज को संदेश दिया कि एड्स से बचें। इस मौके पर शिक्षक शिक्षिकाओं का सहयोग भी सराहनीय रहा।