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कार्यशाला में हड़ताल : बिना मरम्मत दौड़ीं 70 बसें
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हड़ताल के दौरान कार्यशाला के बाहर खड़े आउटसोर्सिंग कर्मी। स्रोत : स्वयं
- फोटो : Self
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हाथरस डिपो की कार्यशाला में तैनात 23 आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल का असर शनिवार को भी दिखाई दिया। मरम्मत और साफ-सफाई का काम ठप रहा। 70 बसों को बिना नियमित मरम्मत और धुलाई के ही विभिन्न मार्गों पर रवाना करना पड़ा। जिससे मडराक टोल प्लाजा के पास एक बस खराब हो गई।
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि आउटसोर्सिंग कंपनी ने बीते तीन माह से उनका वेतन नहीं दिया है। कई बार अधिकारियों से शिकायत करने और आश्वासन मिलने के बावजूद उनके खातों में वेतन नहीं पहुंचा। इसलिए सभी 23 आउटसोर्स कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। कार्यशाला में मैकेनिक आदि कर्मी नहीं होने से चालकों को स्वयं बसों में यूरिया डालने और सामान्य जांच करने के बाद उन्हें मार्ग पर ले जाना पड़ा।
नियमित तकनीकी निरीक्षण और साफ-सफाई का कार्य प्रभावित होने से बसों के संचालन को लेकर भी चिंता बनी हुई है। डिपो प्रभारी मंगेश कुमार का कहना है कि आउटसोर्सिंग कंपनी से लगातार संपर्क कर कर्मचारियों का लंबित वेतन दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग करते हुए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। उनका कहना है कि जब तक वेतन का भुगतान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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मडराक टोल पर खराब हुई बस
बिना मरम्मत मार्ग पर भेजी गई बसें खराब होने लगी हैं। शनिवार को हाथरस डिपो की बस संख्या यूपी-78 जेटी-8331 कार्यशाला से रवाना होने के कुछ समय बाद मडराक टोल के पास खराब हो गई। बस में सवार यात्रियों को दूसरी बसों में स्थानांतरित कर गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि आउटसोर्सिंग कंपनी ने बीते तीन माह से उनका वेतन नहीं दिया है। कई बार अधिकारियों से शिकायत करने और आश्वासन मिलने के बावजूद उनके खातों में वेतन नहीं पहुंचा। इसलिए सभी 23 आउटसोर्स कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। कार्यशाला में मैकेनिक आदि कर्मी नहीं होने से चालकों को स्वयं बसों में यूरिया डालने और सामान्य जांच करने के बाद उन्हें मार्ग पर ले जाना पड़ा।
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नियमित तकनीकी निरीक्षण और साफ-सफाई का कार्य प्रभावित होने से बसों के संचालन को लेकर भी चिंता बनी हुई है। डिपो प्रभारी मंगेश कुमार का कहना है कि आउटसोर्सिंग कंपनी से लगातार संपर्क कर कर्मचारियों का लंबित वेतन दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग करते हुए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। उनका कहना है कि जब तक वेतन का भुगतान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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मडराक टोल पर खराब हुई बस
बिना मरम्मत मार्ग पर भेजी गई बसें खराब होने लगी हैं। शनिवार को हाथरस डिपो की बस संख्या यूपी-78 जेटी-8331 कार्यशाला से रवाना होने के कुछ समय बाद मडराक टोल के पास खराब हो गई। बस में सवार यात्रियों को दूसरी बसों में स्थानांतरित कर गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।