{"_id":"6a5013ec44dba9154001f8b1","slug":"statement-of-the-sub-inspector-who-prepared-the-inquest-report-recorded-in-court-hathras-news-c-56-1-hts1004-151094-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: न्यायालय में पंचनामा भरने वाले दरोगा के बयान दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: न्यायालय में पंचनामा भरने वाले दरोगा के बयान दर्ज
Fri, 10 Jul 2026 03:04 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 10 Jul 2026 03:04 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
सिकंदराराऊ क्षेत्र स्थित ग्राम फुलरई में भोले बाबा के सत्संग के उपरांत हुई दर्दनाक भगदड़ के मामले में बृहस्पतिवार को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-1 में पंचनामा की कार्यवाही करने वाले तत्कालीन दारोगा के विस्तृत बयान दर्ज किए गए। अगली तिथि 16 जुलाई निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि दो जुलाई 2024 को हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं। वर्तमान में थाना कोतवाली नगरमें तैनात एसआई वीर सिंह ने अदालत में सशपथ बयान दर्ज कराते हुए बताया कि घटना वाले दिन उनकी तैनाती बतौर एसआई थाना सासनी में थी।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वह सासनी थाने से रवाना होकर जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी पहुंचे थे। वहां अलीगढ़ के गांव जवां की मोहरश्री देवी, बदायूं की कमला देवी व औरैया की शीला देवी के शव रखे हुए थे। महिला सिपाही रिया माथुर के सहयोग से शवों की चोटोें का अवलोकन किया और पंचनामा की कार्यवाही पूर्ण की।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता ने साक्षी एसआई से विस्तृत जिरह की। जिरह में साक्षी ने बताया कि शवों की पहचान के बाद पंचनामा की प्रक्रिया में लगभग एक घंटा लगा था। साक्षी ने स्वीकार किया कि पंचनामे में मृतकों के शरीर पर कोई जाहिरा चोट की बात अंकित नहीं थी और मौत का कारण भगदड़ में गिरना दर्शाया गया था और किसी मारपीट की बात नहीं पाई गई थी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि दो जुलाई 2024 को हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं। वर्तमान में थाना कोतवाली नगरमें तैनात एसआई वीर सिंह ने अदालत में सशपथ बयान दर्ज कराते हुए बताया कि घटना वाले दिन उनकी तैनाती बतौर एसआई थाना सासनी में थी।
विज्ञापन
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वह सासनी थाने से रवाना होकर जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी पहुंचे थे। वहां अलीगढ़ के गांव जवां की मोहरश्री देवी, बदायूं की कमला देवी व औरैया की शीला देवी के शव रखे हुए थे। महिला सिपाही रिया माथुर के सहयोग से शवों की चोटोें का अवलोकन किया और पंचनामा की कार्यवाही पूर्ण की।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता ने साक्षी एसआई से विस्तृत जिरह की। जिरह में साक्षी ने बताया कि शवों की पहचान के बाद पंचनामा की प्रक्रिया में लगभग एक घंटा लगा था। साक्षी ने स्वीकार किया कि पंचनामे में मृतकों के शरीर पर कोई जाहिरा चोट की बात अंकित नहीं थी और मौत का कारण भगदड़ में गिरना दर्शाया गया था और किसी मारपीट की बात नहीं पाई गई थी।