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डस्टबिन खरीद प्रकरण में अफसर-कर्मियों के हुए बयान
Mon, 10 Jun 2019 11:56 PM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Mon, 10 Jun 2019 11:56 PM IST
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डस्टबिन
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। डस्टबिन खरीद प्रकरण की जांच में अब ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज हुए हैं। बयान के बाद पूरी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। ग्राम पंचायत अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस घोटाले में विकास विभाग के आला अधिकारी मिले हुए हैं। किसी भी सूरत में छोटे अधिकारी या कर्मचारी को फंसाया गया तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उग्र आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायतों में डस्टबिनों की खरीद की गई थी। इस डस्टबिन की खरीद में मनमानी की गई थी। शिकायत के बाद तत्कालीन डीएम रमाशंकर मौर्य के सामने यह प्रकरण सुर्खियों में आया था। इसके बाद इस प्रकरण की जांच की गई थी। जांच में यह सामने आया था कि 5500 वाले डस्टबिन की खरीद 12,500 रुपये में की गई थी। प्रकरण की जांच को जेडीसी मंडल पर भेज दिया गया था।
अब यह घोटाले का जिन्न फिर से फाइलों से निकल आया है। एक शिकायतकर्ता ने फिर से प्रकरण की शिकायत शासन में की थी। शासन स्तर से उक्त प्रकरण में गंभीरता बरतते हुए शिकायत पर जिला प्रशासन से आख्या मांगी गई थी। इस प्रकरण में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने एसडीएम सदर नितीश कुमार सिंह को जांच अधिकारी नामित किया था। जांच को लेकर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों को बयान के लिए बुलाया गया। ग्राम पंचायत अधिकारियों व संबंधित अधिकारियों ने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं और शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
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उल्लेखनीय है स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायतों में डस्टबिनों की खरीद की गई थी। इस डस्टबिन की खरीद में मनमानी की गई थी। शिकायत के बाद तत्कालीन डीएम रमाशंकर मौर्य के सामने यह प्रकरण सुर्खियों में आया था। इसके बाद इस प्रकरण की जांच की गई थी। जांच में यह सामने आया था कि 5500 वाले डस्टबिन की खरीद 12,500 रुपये में की गई थी। प्रकरण की जांच को जेडीसी मंडल पर भेज दिया गया था।
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अब यह घोटाले का जिन्न फिर से फाइलों से निकल आया है। एक शिकायतकर्ता ने फिर से प्रकरण की शिकायत शासन में की थी। शासन स्तर से उक्त प्रकरण में गंभीरता बरतते हुए शिकायत पर जिला प्रशासन से आख्या मांगी गई थी। इस प्रकरण में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने एसडीएम सदर नितीश कुमार सिंह को जांच अधिकारी नामित किया था। जांच को लेकर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों को बयान के लिए बुलाया गया। ग्राम पंचायत अधिकारियों व संबंधित अधिकारियों ने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं और शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
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