{"_id":"5879176a4f1c1b922bbaa32b","slug":"sp-district-president-in-the-code-of-conduct-violation-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"आचार संहिता उल्लंघन में सपा जिलाध्यक्ष पर केस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आचार संहिता उल्लंघन में सपा जिलाध्यक्ष पर केस
अमर उजाला, हाथरस
Updated Fri, 13 Jan 2017 11:48 PM IST
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सादाबाद में 11 जनवरी को हुआ समाजवादी पार्टी का कार्यक्रम आचार संहिता उल्लंघन में फंस गया है। तहसीलदार सादाबाद ने इस मामले में आयोजकों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा कोतवाली सादाबाद में दर्ज कराया है। तहसीलदार ने इस कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई।
उनका कहना है कि इस कार्यक्रम में चार हजार लोगों के खाने-पीने का इंतजाम किया गया था, जोकि आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आता है। इस कार्यक्रम की परमीशन सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव के लेटर पैड पर ली गई थी, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक सादाबाद देवेंद्र अग्रवाल ने की थी। लिहाजा मुकदमे में परमीशन के आधार पर सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव को आरोपी बनाया गया है।
तहसीलदार सादाबाद कुमारचंद्र जवालिया द्वारा कोतवाली सादाबाद में दी गई तहरीर में कहा गया है कि 11 जनवरी 2017 को कस्बा सादाबाद के मुरली गार्डन में सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव द्वारा एक बैठक की गई थी, जिसकी परमीशन ली गई थी। तहसीलदार के मुताबिक उन्होंने इस कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई थी।
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कार्यक्रम में करीब चार हजार लोगों को खाना खिलाने का इंतजाम किया गया था, जोकि वोटरों को लुभाने की श्रेणी में आता है। यह कृत्य आचार संहिता उल्लंघन के दायरे में आता है। लिहाजा ओमवती यादव सपा जिलाध्यक्ष का यह कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 171 (च) के तहत दर्ज किया जाए। तहसीलदार की तहरीर पर कोतवाली सादाबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। आचार संहिता उल्लंघन के मामले में जिले में अब तक का यह तीसरा मामला दर्ज किया गया है।
यह सम्मेलन पार्टी के युवाओं ने आयोजित किया था, जिसमें मैं बतौर अतिथि शामिल हुआ। वहां किसी तरह का कोई खाना किसी को नहीं बंटवाया गया और न हीं बनवाया गया। लोग अपना खाना लाए होंगे और खा रहे होंगे। हम उन्हें खाना खाने से कैसे रोक सकते हैं। कार्यक्रम में आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं हुआ।
- देवेंद्र अग्रवाल, सपा विधायक सादाबाद
विधायक ने मुझसे कार्यक्रम की परमीशन के लिए लेटर पैड लिया था। जिम्मेदार व्यक्ति होने के नाते मैने विधायक को यह लेटर पैड परमीशन के लिए दे दिया था। कार्यक्रम में लोगों को खाना खिलाने का आरोप गलत है। वास्तविकता में वहां किसी को आयोजकों की तरफ से खाना नहीं दिया गया। कार्यकर्ता अपनी तरफ से खाना लेकर आए होंगे और उसे खा रहे होंगे तो इसकी हमें जानकारी नहीं है। पार्टी के खिलाफ यह साजिश की गई है। कार्यक्रम में आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं किया गया। हम अपना जवाब प्रशासन को भेजेंगे, जिसमें पूरी स्थिति स्पष्ट करेंगे।
- ओमवती यादव, जिलाध्यक्ष सपा
मैने खुद इस कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई थी, जिसमें खाने का इंतजाम किया गया था। कार्यक्रम की परमीशन सपा ओमवती यादव के नाम से थी, इसलिए उनको आरोपी बनाया गया है। यह खर्चा पार्टी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।
- कुमारचंद्र जवालिया, तहसीलदार सादाबाद
तहसीलदार की तरफ से तहरीर मिली थी, जिसमें सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव को आरोपी बनाया गया है। तहरीर में सभा में खाना बांटने का आरोप है। धारा 171 (च) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब यह विवेचना का विषय है।
- दिलीप कुमार, एसपी हाथरस
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उनका कहना है कि इस कार्यक्रम में चार हजार लोगों के खाने-पीने का इंतजाम किया गया था, जोकि आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आता है। इस कार्यक्रम की परमीशन सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव के लेटर पैड पर ली गई थी, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक सादाबाद देवेंद्र अग्रवाल ने की थी। लिहाजा मुकदमे में परमीशन के आधार पर सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव को आरोपी बनाया गया है।
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तहसीलदार सादाबाद कुमारचंद्र जवालिया द्वारा कोतवाली सादाबाद में दी गई तहरीर में कहा गया है कि 11 जनवरी 2017 को कस्बा सादाबाद के मुरली गार्डन में सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव द्वारा एक बैठक की गई थी, जिसकी परमीशन ली गई थी। तहसीलदार के मुताबिक उन्होंने इस कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई थी।
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कार्यक्रम में करीब चार हजार लोगों को खाना खिलाने का इंतजाम किया गया था, जोकि वोटरों को लुभाने की श्रेणी में आता है। यह कृत्य आचार संहिता उल्लंघन के दायरे में आता है। लिहाजा ओमवती यादव सपा जिलाध्यक्ष का यह कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 171 (च) के तहत दर्ज किया जाए। तहसीलदार की तहरीर पर कोतवाली सादाबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। आचार संहिता उल्लंघन के मामले में जिले में अब तक का यह तीसरा मामला दर्ज किया गया है।
यह सम्मेलन पार्टी के युवाओं ने आयोजित किया था, जिसमें मैं बतौर अतिथि शामिल हुआ। वहां किसी तरह का कोई खाना किसी को नहीं बंटवाया गया और न हीं बनवाया गया। लोग अपना खाना लाए होंगे और खा रहे होंगे। हम उन्हें खाना खाने से कैसे रोक सकते हैं। कार्यक्रम में आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं हुआ।
- देवेंद्र अग्रवाल, सपा विधायक सादाबाद
विधायक ने मुझसे कार्यक्रम की परमीशन के लिए लेटर पैड लिया था। जिम्मेदार व्यक्ति होने के नाते मैने विधायक को यह लेटर पैड परमीशन के लिए दे दिया था। कार्यक्रम में लोगों को खाना खिलाने का आरोप गलत है। वास्तविकता में वहां किसी को आयोजकों की तरफ से खाना नहीं दिया गया। कार्यकर्ता अपनी तरफ से खाना लेकर आए होंगे और उसे खा रहे होंगे तो इसकी हमें जानकारी नहीं है। पार्टी के खिलाफ यह साजिश की गई है। कार्यक्रम में आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं किया गया। हम अपना जवाब प्रशासन को भेजेंगे, जिसमें पूरी स्थिति स्पष्ट करेंगे।
- ओमवती यादव, जिलाध्यक्ष सपा
मैने खुद इस कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई थी, जिसमें खाने का इंतजाम किया गया था। कार्यक्रम की परमीशन सपा ओमवती यादव के नाम से थी, इसलिए उनको आरोपी बनाया गया है। यह खर्चा पार्टी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।
- कुमारचंद्र जवालिया, तहसीलदार सादाबाद
तहसीलदार की तरफ से तहरीर मिली थी, जिसमें सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव को आरोपी बनाया गया है। तहरीर में सभा में खाना बांटने का आरोप है। धारा 171 (च) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब यह विवेचना का विषय है।
- दिलीप कुमार, एसपी हाथरस