Pankaj Udhas: काका की नगरी पर भी चला था पंकज की आवाज का जादू, दो बार आए थे हाथरस
हाथरस के मेला श्रीदाऊजी महाराज में हुए शाम-ए-गजल कार्यक्रम में पंकज उधास दो बार आ चुके हैं। पंकज उधास की गजलों को सुनने के लिए हाथरस के अलावा आसपास के जिलों से भी श्रोता पहुंचे थे। पंकज उधास के निधन से हाथरस वासियों में शोक व्याप्त है।
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मशहूर गायक पंकज उधास की मृत्यु की खबर से काका हाथरसी की नगरी हाथरस में भी उनके प्रशंसक शोक में डूब गए। पंकज की गजलों से हाथरसवासियों का भी गहरा नाता रहा है। मेला श्रीदाऊजी महाराज में हुए शाम-ए-गजल कार्यक्रम में वह दो बार आ चुके हैं। पंकज उधास की गजलों को सुनने के लिए हाथरस के अलावा आसपास के जिलों से भी श्रोता पहुंचे थे।
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व उनके अनुज ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय ने सबसे पहले मेला श्रीदाऊजी महाराज में गजल गायकी के कार्यक्रम का आयोजन कराया था। इसमें मशहूर गजल गायक पंकज उधास आए थे। उन्होंने पूरी रात अपनी गायकी से श्रोताओं को बांधे रेखा था। दूसरी ओर वर्ष 2012 में फिर से मेला श्रीदाऊजी महाराज में एक शाम गजल के नाम कार्यक्रम का आयोजन दीपक शर्मा ने कराया। इस दौरान भी गजल गायक पंकज उधास की गजलों को सुनने का मौका यहां के गजल और गीत प्रेमियों को मिला था। यहां पकज उधास दाऊजी महाराज को नमन करना नहीं भूले थे। उन्होंने हास्य कवि पद्मश्री कवि काका हाथरसी का भी जिक्र किया था।
2012 में जब पहली बार ग़ज़ल संयोजक बना था। तब दिवंगत पकंज उधास हाथरस आए थे। इस दौरान श्रोताओं ने गजल का भरपूर आनंद लिया था। आधा घंटे के कार्यक्रम को श्रोताओं की खूब तवज्जो मिली थी। -दीपक शर्मा, पूर्व संयोजक शाम-ए-गजल
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गजल गायकी की दुनिया में पंकज उधास विश्व विख्यात गायक थे। जब वह हाथरस आए थे, तो वह दाऊजी महाराज के दर्शन करके बहुत खुश हुए थे। उन्होंने कहा था कि पहली बार ब्रज की रज में आने का मौका मिला है। मैं चाहता हूं कि हर साल यहां पर आता रहूं। -रामेश्वर उपाध्याय, ब्लॉक प्रमुख मुरसान