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सिकंदरपुर में नहाने के लिए मारामारी जारी
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2016 12:03 AM IST
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सिकंदरपुर कुएं पर जाल लगाकर लोगों को सबमर्सिबल से लोगों को नहलाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। सिकंदरपुर में कुएं के पानी से बीमारियां ठीक होने के दावे के बाद भीड़ उमड़ने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। हालांकि भीड़ पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है। गांव में दिन भर मेला लगा रहा। कुएं के आसपास भीड़ का जमघट रोकने के लिए चारों तरफ रैलिंग भी लगवा दी गई हैं। नहाने के लिए लोगों में जबर्दस्त मारामारी मची है। अब भी कुएं के आसपास लगाए गए जाल और मचान पर खड़े होकर लोग पाइपों से लोगों पर पानी की बौछार कर रहे हैं। नहाने के अलावा लोग पानी को डिब्बों, कैन और अन्य बर्तनों में भरकर ले जा रहे हैं।
अब भी कुएं पर नहाने जाने वालों की भीड़ पैदल और वाहनों में भरकर सिकंदरपुर के रास्ते पर जाती हुई नजर आ रही है। डीएम के दौरे के बाद गांव में कुएं के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर न केवल पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई है, बल्कि देखरेख के लिए राजस्व कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि जिस तरह भीड़ में कमी आ रही है, उससे उम्मीद है कि अगले चार-पांच दिनों में यह भीड़ छंटती जाएगी। गौरतलब है कि कुएं के पानी के प्रति लोगों की आस्था उस स्थिति में भी बरकरार है, जबकि जल निगम और निजी एजेंसियों से कराई गई जांच में इसके पानी के नमूने फेल आ चुके हैं। प्रशासन के अधिकारी बराबर लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि कुएं के पानी में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे बीमारियां ठीक हो सकें। लिहाजा वह किसी भ्रम में नहीं आएं।
धीरे-धीरे लोगों की समझ में आ रहा है कि कुएं के पानी में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे बीमारियां ठीक हो सकें। अब भीड़ कम हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही वहां स्थिति सामान्य हो जाएगी। सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर एहतियात बरती जा रही है।
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- केहरी सिंह, एसडीएम सदर
एफडीए की टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार
जल निगम के बाद अब प्रशासन को एफडीए टीम द्वारा लिए गए पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का बेसब्री से इंतजार है। इस रिपोर्ट के बाद काफी हद तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह पानी इंसान के इस्तेमाल करने लायक है या नहीं और इसके सेवन से इंसान की सेहत को क्या खतरा हो सकता है।
कुएं के स्वामित्व का पता लगाने की कोशिश
हाथरस। एसडीएम ने अब कुएं की जमीन के स्वामित्व का पता लगाने की कोशिश तेज कर दी है। इसके लिए गांव के राजस्व रिकॉर्ड खंगलवाए जा रहे हैं और यह देखा जा रहा है कि वास्तव में यह जगह ग्राम पंचायत की है या फिर इस जगह का मालिक कोई और है।
हालांकि कुएं के सुर्खियों में आने के बाद हर रोज इसके स्वामित्व को लेकर नए-नए दावे हो रहे हैं, लेकिन कोई यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा कि जगह किसकी है। प्रशासन को डर है कि इन दावों के बीच कुएं के स्वामित्व को लेकर कोई विवाद खड़ा नहीं हो जाए, इसलिए प्रशासन राजस्व रिकॉर्ड के हिसाब से इसकी स्थिति स्पष्ट कर लेना चाहता है। एसडीएम ने राजस्व कर्मियों से इसका रिकॉर्ड मांगा है। वह खुद इसका परीक्षण करेंगे। एसडीएम केहरी सिंह का कहना है कि वह केवल अपनी जानकारी के लिए राजस्व रिकॉर्ड दिखवा रहे हैं।
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अब भी कुएं पर नहाने जाने वालों की भीड़ पैदल और वाहनों में भरकर सिकंदरपुर के रास्ते पर जाती हुई नजर आ रही है। डीएम के दौरे के बाद गांव में कुएं के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर न केवल पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई है, बल्कि देखरेख के लिए राजस्व कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि जिस तरह भीड़ में कमी आ रही है, उससे उम्मीद है कि अगले चार-पांच दिनों में यह भीड़ छंटती जाएगी। गौरतलब है कि कुएं के पानी के प्रति लोगों की आस्था उस स्थिति में भी बरकरार है, जबकि जल निगम और निजी एजेंसियों से कराई गई जांच में इसके पानी के नमूने फेल आ चुके हैं। प्रशासन के अधिकारी बराबर लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि कुएं के पानी में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे बीमारियां ठीक हो सकें। लिहाजा वह किसी भ्रम में नहीं आएं।
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धीरे-धीरे लोगों की समझ में आ रहा है कि कुएं के पानी में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे बीमारियां ठीक हो सकें। अब भीड़ कम हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही वहां स्थिति सामान्य हो जाएगी। सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर एहतियात बरती जा रही है।
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- केहरी सिंह, एसडीएम सदर
एफडीए की टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार
जल निगम के बाद अब प्रशासन को एफडीए टीम द्वारा लिए गए पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का बेसब्री से इंतजार है। इस रिपोर्ट के बाद काफी हद तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह पानी इंसान के इस्तेमाल करने लायक है या नहीं और इसके सेवन से इंसान की सेहत को क्या खतरा हो सकता है।
कुएं के स्वामित्व का पता लगाने की कोशिश
हाथरस। एसडीएम ने अब कुएं की जमीन के स्वामित्व का पता लगाने की कोशिश तेज कर दी है। इसके लिए गांव के राजस्व रिकॉर्ड खंगलवाए जा रहे हैं और यह देखा जा रहा है कि वास्तव में यह जगह ग्राम पंचायत की है या फिर इस जगह का मालिक कोई और है।
हालांकि कुएं के सुर्खियों में आने के बाद हर रोज इसके स्वामित्व को लेकर नए-नए दावे हो रहे हैं, लेकिन कोई यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा कि जगह किसकी है। प्रशासन को डर है कि इन दावों के बीच कुएं के स्वामित्व को लेकर कोई विवाद खड़ा नहीं हो जाए, इसलिए प्रशासन राजस्व रिकॉर्ड के हिसाब से इसकी स्थिति स्पष्ट कर लेना चाहता है। एसडीएम ने राजस्व कर्मियों से इसका रिकॉर्ड मांगा है। वह खुद इसका परीक्षण करेंगे। एसडीएम केहरी सिंह का कहना है कि वह केवल अपनी जानकारी के लिए राजस्व रिकॉर्ड दिखवा रहे हैं।