{"_id":"59820a5f4f1c1b42078b4665","slug":"sikandarau-became-the-hub-of-tamo-supply","type":"story","status":"publish","title_hn":"तमंचा सप्लाई का हब बना सिकंदराराऊ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तमंचा सप्लाई का हब बना सिकंदराराऊ
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Thu, 03 Aug 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
घरवालों पर चला दी गोलियां
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिकंदराराऊ कस्बा तमंचा बनाने का गढ़ बन चुका है। पूरे प्रदेश में अवैध असलहों की सप्लाई की जा रही है। क्षेत्र के गांवों में दर्जनों बार तमंचा बनाने की फैक्ट्रियां पकड़ी जाती रही हैं, लेकिन पहली बार इतने बड़े पैमाने पर तमंचों की बरामदगी ने जिले की पुलिस के होश उड़ा दिए हैं।
सवाल यह भी है कि पुलिस की नाक के नीचे यह गोरखधंधा चल रहा था और जिले की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। बरेली एसटीएफ को अगर इनपुट नहीं मिलता तो शायद मौत का सामान बनाने वाले यह शातिर शख्स अभी भी नहीं पकड़े जाते।
सिकंदराराऊ क्षेत्र में यह पहला मौका नहीं है, जब अवैध हथियारों की बरामदगी हुई है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर संभवतया यह पहली बरामदगी है। इससे पूर्व कोतवाली क्षेत्र के एटा रोड स्थित गांव भिसी मिर्जापुर, राजपुर और गुलाबपुर में भी कई बार अवैध असलहा फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं। इस बरामदगी के बाद तो जिले की पुलिस भी यह सोचने को मजबूर हो गई है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर मौत का सामान बनाने का यह गोरखधंधा चल कैसे रहा था।
विज्ञापन
पहले भी ले जा चुके 100-100 तमंचों की खेप
एसटीएफ के हत्थे चढ़े सीतापुर के मुल्लू मौर्या और जहीर खां ने यह बताकर पुलिस को चौंका दिया कि इससे पूर्व भी वह दो बार यहां से सौ-सौ से ज्यादा तमंचों की डिलीवरी ले जा चुके हैं। बता दें कि मथुरा में पुलिस पिछले साल अवैध हथियारों के साथ नगर के मोहल्ला रेलवे कॉलोनी के मंगल की भी गिरफ्तारी हुई थी। एसटीएफ बरेली के इंस्पेक्टर अजयपाल सिंह ने अंदेशा जताया कि अराजक तत्व सिकंदराराऊ को अवैध अलसहों के संग्रह केंद्र के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। हो सकता है बने-बनाए तमंचे यहां लाकर जमा किए जाते हों और उन्हें यहां से बाहर सप्लाई किया जाता हो।
विज्ञापन
सवाल यह भी है कि पुलिस की नाक के नीचे यह गोरखधंधा चल रहा था और जिले की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। बरेली एसटीएफ को अगर इनपुट नहीं मिलता तो शायद मौत का सामान बनाने वाले यह शातिर शख्स अभी भी नहीं पकड़े जाते।
विज्ञापन
सिकंदराराऊ क्षेत्र में यह पहला मौका नहीं है, जब अवैध हथियारों की बरामदगी हुई है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर संभवतया यह पहली बरामदगी है। इससे पूर्व कोतवाली क्षेत्र के एटा रोड स्थित गांव भिसी मिर्जापुर, राजपुर और गुलाबपुर में भी कई बार अवैध असलहा फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं। इस बरामदगी के बाद तो जिले की पुलिस भी यह सोचने को मजबूर हो गई है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर मौत का सामान बनाने का यह गोरखधंधा चल कैसे रहा था।
विज्ञापन
पहले भी ले जा चुके 100-100 तमंचों की खेप
एसटीएफ के हत्थे चढ़े सीतापुर के मुल्लू मौर्या और जहीर खां ने यह बताकर पुलिस को चौंका दिया कि इससे पूर्व भी वह दो बार यहां से सौ-सौ से ज्यादा तमंचों की डिलीवरी ले जा चुके हैं। बता दें कि मथुरा में पुलिस पिछले साल अवैध हथियारों के साथ नगर के मोहल्ला रेलवे कॉलोनी के मंगल की भी गिरफ्तारी हुई थी। एसटीएफ बरेली के इंस्पेक्टर अजयपाल सिंह ने अंदेशा जताया कि अराजक तत्व सिकंदराराऊ को अवैध अलसहों के संग्रह केंद्र के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। हो सकता है बने-बनाए तमंचे यहां लाकर जमा किए जाते हों और उन्हें यहां से बाहर सप्लाई किया जाता हो।