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तिहरे हत्याकांड में छह दोषियों को सत्र न्यायाधीश ने सुनाई उम्रकैद की सजा
Sat, 29 Jun 2019 12:28 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Sat, 29 Jun 2019 12:28 AM IST
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हाथरस। 13 साल पुराने एक तिहरे हत्याकांड में सत्र न्यायालय ने छह आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। सासनी क्षेत्र में हुई इस घटना में एक ही परिवार की तीन लोगों की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी। अर्थदंड नहीं देने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शंकरलाल पुत्र छिद्दा सिंह निवासी मोहल्ला कस्सावान कस्बा व थाना सासनी ने 11 नवंबर 2005 को थाना सासनी में यह तहरीर दी कि कि गांव बिजाहरी किशनगढ़ी में 16 बीघा कच्ची कृषि भूमि को 25 साल पहले खरीद लिया गया था। इस पर जमीनी हक को लेकर न्यायालय में मुकदमे भी चले। तहरीर के मुताबिक इसके निर्णय भी शंकरलाल के हक में ही हुए। तहरीर में शंकरलाल ने कहा कि 11 नवंबर 2005 को दोपहर साढ़े 11 बजे कमल सिंह, डोरीलाल, नाहर सिंह, महावीर सिंह पुत्रगण सरमन और सत्यप्रकाश पुत्र महावीर, जितेंद्र पुत्र डोरीलाल, राजेंद्र, रामबाबू, अशोक पुत्रगण कमल सिंह, निवासीगण किशनगढ़ी थाना सासनी और तीन-चार अन्य लोग लाठी-डंडे व अन्य असलहों से लैस होकर उसकी जमीन पर अवैध निर्माण कर रहे थे। इसकी सूचना उसने थाने आकर दी।
तहरीर के मुताबिक शंकरलाल के भाई नेतराम, मोतीराम व पुत्र उमेश जब मौके पर पहुंचे तो नामजदों ने अपने-अपने हाथों में लिए लाठी, डंडा, फरसा व अन्य असलहों से उसके भाइयों व पुत्र को बुरी तरह से मारापीटा की। तमंचों आदि से फायरिंग की। इन नामजदों ने मोतीराम, नेतराम और उमेश की हत्या कर दी। दौजीराम पुत्र गोविंदराम को गंभीर रूप से घायल कर दिया। तहरीर के मुताबिक मौके पर जब पुलिस पहुंची तो पुलिस पर भी फायरिंग और लाठी-डंडों से प्रहार करते हुए हमलावर भाग गए। इस घटना के बाद वहां भगदड़ मच गई और कस्बे में दुकानें बंद हो गई। आतंक का वातावरण उत्पन्न हो गया। तहरीर के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया और तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद पुलिस ने विवेचना की और विवेचना अधिकारी ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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इस मामले में तीन आरोपियों कमल सिंह, डोरीलाल व महावीर सिंह की मृत्यु हो चुकी है। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेशचंद्र के न्यायालय में हुई। अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। डीजीसी अनुराग शर्मा व एडीजीसी मुकेश कुमार ने बताया कि सत्र न्यायाधीश ने सभी छह आरोपियों नाहर सिंह, सत्यप्रकाश, जितेंद्र, राजेंद्र, रामबाबू, अशोक निवासीगण किशनगढ़ी थाना सासनी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी अनुराग शर्मा और एडीजीसी मुकेश कुमार ने पैरवी की।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार शंकरलाल पुत्र छिद्दा सिंह निवासी मोहल्ला कस्सावान कस्बा व थाना सासनी ने 11 नवंबर 2005 को थाना सासनी में यह तहरीर दी कि कि गांव बिजाहरी किशनगढ़ी में 16 बीघा कच्ची कृषि भूमि को 25 साल पहले खरीद लिया गया था। इस पर जमीनी हक को लेकर न्यायालय में मुकदमे भी चले। तहरीर के मुताबिक इसके निर्णय भी शंकरलाल के हक में ही हुए। तहरीर में शंकरलाल ने कहा कि 11 नवंबर 2005 को दोपहर साढ़े 11 बजे कमल सिंह, डोरीलाल, नाहर सिंह, महावीर सिंह पुत्रगण सरमन और सत्यप्रकाश पुत्र महावीर, जितेंद्र पुत्र डोरीलाल, राजेंद्र, रामबाबू, अशोक पुत्रगण कमल सिंह, निवासीगण किशनगढ़ी थाना सासनी और तीन-चार अन्य लोग लाठी-डंडे व अन्य असलहों से लैस होकर उसकी जमीन पर अवैध निर्माण कर रहे थे। इसकी सूचना उसने थाने आकर दी।
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तहरीर के मुताबिक शंकरलाल के भाई नेतराम, मोतीराम व पुत्र उमेश जब मौके पर पहुंचे तो नामजदों ने अपने-अपने हाथों में लिए लाठी, डंडा, फरसा व अन्य असलहों से उसके भाइयों व पुत्र को बुरी तरह से मारापीटा की। तमंचों आदि से फायरिंग की। इन नामजदों ने मोतीराम, नेतराम और उमेश की हत्या कर दी। दौजीराम पुत्र गोविंदराम को गंभीर रूप से घायल कर दिया। तहरीर के मुताबिक मौके पर जब पुलिस पहुंची तो पुलिस पर भी फायरिंग और लाठी-डंडों से प्रहार करते हुए हमलावर भाग गए। इस घटना के बाद वहां भगदड़ मच गई और कस्बे में दुकानें बंद हो गई। आतंक का वातावरण उत्पन्न हो गया। तहरीर के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया और तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद पुलिस ने विवेचना की और विवेचना अधिकारी ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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इस मामले में तीन आरोपियों कमल सिंह, डोरीलाल व महावीर सिंह की मृत्यु हो चुकी है। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेशचंद्र के न्यायालय में हुई। अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। डीजीसी अनुराग शर्मा व एडीजीसी मुकेश कुमार ने बताया कि सत्र न्यायाधीश ने सभी छह आरोपियों नाहर सिंह, सत्यप्रकाश, जितेंद्र, राजेंद्र, रामबाबू, अशोक निवासीगण किशनगढ़ी थाना सासनी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी अनुराग शर्मा और एडीजीसी मुकेश कुमार ने पैरवी की।