फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Sentence confirmed in appeal to two real sisters

Hathras News: दो सगी बहनों को अपील में हुई दंडादेश की पुष्टि

Wed, 02 Aug 2023 12:29 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Aug 2023 12:29 AM IST
विज्ञापन
Sentence confirmed in appeal to two real sisters
अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय विनीत चौधरी के न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में आपराधिक अपील में न्यायिक मजिस्ट्रेट के दंडादेश की पुष्टि करते हुए अपील खारिज कर दी हैं। न्यायालय ने विचारण न्यायालय के समक्ष अविलंब दंड आदेश प्राप्त करने के लिए अपील कर्ता दो बहनों को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन





वादी हरिसिंह ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में आरोप था कि बीटीसी प्रशिक्षण सत्र 2010-11 में कुमारी दीप्ति सिंह पुत्री पॉप सिंह निवासी टीचर्स कॉलोनी कृष्णा नगर हाथरस जंक्शन ने अपने स्वप्रमाणित कूट रचित अंकतालिका व प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। कुमारी दीप्ति का हाई स्कूल वर्ष 2004 में प्रथम श्रेणी और प्राप्तांक 460 और इंटरमीडिएट वर्ष 2006 में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण प्राप्तांक 382 दर्शाए। जबकि वास्तव में कुमारी दीप्ति सिंह की हाई स्कूल में वास्तविक अंक 315 द्वितीय श्रेणी और इंटरमीडिएट के अंक 302 प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण मात्र हैं।
विज्ञापन





इस मामले में न्यायालय के आदेश पर थाना हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज हुआ

दूसरे मामले में वादी मुकदमा डायट प्राचार्य हरवंश सिंह ने तहरीर देकर गौरव सिंह पुत्री पोप सिंह के विरुद्ध फर्जी अभिलेखों के आधार पर बीटीसी प्रशिक्षण में प्रवेश लेने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों मामलों की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में हुई और दोनों अभियुक्त बहनों को दो-दो वर्ष के कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई। अभियुक्ता दीप्ति सिंह व गौरव सिंह ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के विरुद्ध अलग-अलग अपील कीं। इन अपीलों की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीसी द्वितीय विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दीप्ति सिंह व गौरव सिंह की अपील खारिज करते हुए अपर न्यायालय के दंड आदेश की पुष्टि की है। न्यायालय ने दंड आदेश प्राप्त करने के लिए दोनों विचारण न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed