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स्कूलों में रजिस्टर फुल, उपस्थिति निल
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:50 PM IST
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आखिर कैसे बच्चों का पोषण होगा और कैसे बच्चे पढ़ लिखकर देश का नाम रोशन करेंगे? जिले के आंगनबाड़ी केंद्र और परिषदीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति न के बराबर रह गई है। इसका खुलासा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंच रहीं टीमों ने सीएमओ को दी गई अपनी रिपोर्ट में किया है।
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि जिले के सादाबाद, सिकंदराराऊ, महौ, हसायन, सासनी, मुरसान, सहपऊ आदि स्थानाें पर अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्राें पर ताले लटके हुए हैं तथा जो केंद्र खुल रहे हैं, उनमें बच्चों की संख्या न के बराबर है।
इसके अलावा परिषदीय विद्यालयों में भी बच्चे पढ़ने नहीं आ रहे। स्कूल के रजिस्टर में तो बच्चों की संख्या सैकड़ों की तादाद में दर्ज है, लेकिन मौके पर अधिकांश स्कूलों में 15 से 20 बच्चे ही मिल रहे हैं। इससे बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का लक्ष्य पूरा करन पाना संभव नहीं हो रहा है।
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टीम रोज स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा कर रही हैं, लेकिन हर रोज उन्हें यही हाल देखने को मिल रहा है। इससे साफ है कि प्रशासनिक अनदेखी की वजह से शासन की योजना सिर्फ कागजों में ही चल रही हैं। इधर, यह भी बात सामने आई है कि दो स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाने के दौरान बच्चों की संख्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम से अभद्रता हो चुकी है।
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रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि जिले के सादाबाद, सिकंदराराऊ, महौ, हसायन, सासनी, मुरसान, सहपऊ आदि स्थानाें पर अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्राें पर ताले लटके हुए हैं तथा जो केंद्र खुल रहे हैं, उनमें बच्चों की संख्या न के बराबर है।
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इसके अलावा परिषदीय विद्यालयों में भी बच्चे पढ़ने नहीं आ रहे। स्कूल के रजिस्टर में तो बच्चों की संख्या सैकड़ों की तादाद में दर्ज है, लेकिन मौके पर अधिकांश स्कूलों में 15 से 20 बच्चे ही मिल रहे हैं। इससे बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का लक्ष्य पूरा करन पाना संभव नहीं हो रहा है।
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टीम रोज स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा कर रही हैं, लेकिन हर रोज उन्हें यही हाल देखने को मिल रहा है। इससे साफ है कि प्रशासनिक अनदेखी की वजह से शासन की योजना सिर्फ कागजों में ही चल रही हैं। इधर, यह भी बात सामने आई है कि दो स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाने के दौरान बच्चों की संख्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम से अभद्रता हो चुकी है।