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मांगों को लेकर एसबीपी पर गरजे बैंक कर्मी
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2016 11:39 PM IST
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स्टेट बैंक पटियाला पर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। जिले के बैंक कर्मियों ने मंगलवार को अखिल भारतीय मांग दिवस मनाया। इस दिन सभी बैंककर्मियों ने एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर स्टेट बैंक ऑफ पटियाला पर प्रदर्शन किया। बैज लगाकर काम करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
बैंकिंग संगठन एआईबीईए तथा एआईबीओए के आह्वान पर इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ करने और उनका विकास करने, बैंकों के निजीकरण को रोकने, स्टेट बैंक की सहयोगी बैंकों का स्टेट बैंक में विलय रोकने, आईडीबीआई बैंक का निजीकरण रोकने, अशोध्य ऋणों की वसूली के उपाय शुरू करने एवं ऋण चूककर्ताओं के विरुद्ध कार्यवाही प्रारंभ करने की मांग प्रमुख थीं। यूपी बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के जिला मंत्री बीएस जैन ने कहा कि 19 जुलाई को हमारे देश में बैंक राष्ट्रीयकरण की 47वीं वर्षगांठ थी। वर्तमान में सुधारों के नाम पर सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग को विघटित किया जा रहा है और निजी क्षेत्र की बैंकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विस्तार के स्थान पर सरकार बैंकों के विलय और समेकन के बारे में बात कर रही है। यूपीबीईयू के जिलाध्यक्ष वीके शर्मा ने सरकार की जनविरोधी नीतियों की निंदा की। प्रदर्शन करने वालों में पीएस रावत, राकेश वर्मा, संतोष कुमार, नवल किशोर, अशोक शर्मा, उमाशंकर जैन, ओमप्रकाश, शोभित वर्मा, इतवारी लाल, गंगाप्रसाद, सतेंद्र सिंह, रवि राकेश, विवेक अग्रवाल, अशोक सिंह, नरेंद्र कुमार, तेजवीर सिंह, गयाप्रसाद एवं धर्मेंद्र कुमार आदि थे।
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बैंकिंग संगठन एआईबीईए तथा एआईबीओए के आह्वान पर इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ करने और उनका विकास करने, बैंकों के निजीकरण को रोकने, स्टेट बैंक की सहयोगी बैंकों का स्टेट बैंक में विलय रोकने, आईडीबीआई बैंक का निजीकरण रोकने, अशोध्य ऋणों की वसूली के उपाय शुरू करने एवं ऋण चूककर्ताओं के विरुद्ध कार्यवाही प्रारंभ करने की मांग प्रमुख थीं। यूपी बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के जिला मंत्री बीएस जैन ने कहा कि 19 जुलाई को हमारे देश में बैंक राष्ट्रीयकरण की 47वीं वर्षगांठ थी। वर्तमान में सुधारों के नाम पर सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग को विघटित किया जा रहा है और निजी क्षेत्र की बैंकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विस्तार के स्थान पर सरकार बैंकों के विलय और समेकन के बारे में बात कर रही है। यूपीबीईयू के जिलाध्यक्ष वीके शर्मा ने सरकार की जनविरोधी नीतियों की निंदा की। प्रदर्शन करने वालों में पीएस रावत, राकेश वर्मा, संतोष कुमार, नवल किशोर, अशोक शर्मा, उमाशंकर जैन, ओमप्रकाश, शोभित वर्मा, इतवारी लाल, गंगाप्रसाद, सतेंद्र सिंह, रवि राकेश, विवेक अग्रवाल, अशोक सिंह, नरेंद्र कुमार, तेजवीर सिंह, गयाप्रसाद एवं धर्मेंद्र कुमार आदि थे।
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