फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Roadways outsourcing workers on strike, repair of buses stalled

Hathras News: हड़ताल पर बैठे रोडवेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारी, बसों की मरम्मत का कार्य ठप

Sat, 05 Aug 2023 12:29 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sat, 05 Aug 2023 12:29 AM IST
विज्ञापन
Roadways outsourcing workers on strike, repair of buses stalled
रोडवेज कार्यशाला में धरना देते आउटसोर्सिंग कर्मचारी। संवाद - फोटो : samvad
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के हाथरस डिपो की कार्यशाला में तैनात दो दर्जन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन कर्मियों ने बसों की मरम्मत और रखरखाव का काम नहीं किया। इसकी वजह से कुछ बसें तो मार्ग पर ही नहीं जा सकीं।
विज्ञापन



कर्मियों का आरोप है कि ठेका फर्म उन्हें बाजिव वेतन नहीं दे रही। उनका ईपीएफ भी सही तरीके से जमा नहीं हो रहा। रोडवेज की कार्यशाला में अलीगढ़ की बालाजी ऑटोमोबाइल्स की ओर से 24 कर्मियों को तैनात किया गया है। यह कर्मी बसों की मरम्मत आदि का काम देखते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह से ही सभी कर्मियों ने काम ठप कर दिया। कार्यशाला के गेट के आगे सभी कर्मी विरोध करते हुए बैठ गए।
विज्ञापन




कर्मियों का आरोप था कि अनुबंध के हिसाब से ठेका फर्म उन्हें जूता, हेलमेट और वर्दी आदि सुविधाएं नहीं दे रही। सभी कर्मियों का वेतन छह से नौ हजार रुपये है, जो कि काफी कम है। उन्हें अभी तक उनका ईपीएफ नंबर नहीं दिया गया है। उनके वेतन से काटे जाने वाला ईपीएफ भी उनके खाते में नहीं डाला जा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन



सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेंद्र कुमार आर्य मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारी नहीं माने। अगर जल्द ही इन कर्मियों की हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो बसों की हालत और बदतर हो सकती है। हड़ताल में लखन कुमार, उमेश, नरेंद्र, गजेंद्र, लाखन, जयवीर, विष्णु, उसमान, जावेद, अजय, विनीत, वीरेश, अतै मोहम्मद आदि लोग शामिल हैं।






हम 10 सालों से रोडवेज में अनुबंध पर काम कर रहे हैं। अनुबंध करने वाली कंपनी की ओर से बहुत सारी सुविधाएं दिए जाने का वादा किया गया था, लेकिन उनको कोई भी सुविधा नहीं दी जा रही। कंपनी के मालिक हमारे ईपीएफ को भी जमा नहीं कर रहे।
-रविंद्र कुमार, आउटसोर्सिंग कर्मी।





हम लोगों को सात हजार, आठ हजार रुपये वेतन के रूप में दिए जा रहे हैं। ठेका कंपनी को कई बार वेतन बढ़ाए जाने के लिए कहा गया है, लेकिन वह सुनते नहीं है। इतनी महंगाई में इतने कम वेतन पर काम करना मुमकिन नहीं है।

-जुगेंद्र सिंह, आउटसोर्सिंग कर्मी







ठेका कंपनी की ओर से तीन माह में ईपीएफ का पैसा जमा किया जाता है, जो जमा हो रहा है। कर्मियों का वेतन काफी कम है, उसे बढ़वाए जाने का आश्वासन उनके बीच पहुंचकर मैने दिया है। उन्हें आश्वस्त किया है कि सोमवार तक उनकी समस्या का समाधान करा दिया जाएगा, लेकिन वे लोग ठेका कम्पनी के मालिक को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े हैं। वर्तमान में रोडवेज के नियमित कर्मियों से मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है।
-नरेंद्र कुमार आर्य, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed