{"_id":"594c07b74f1c1b63028b4568","slug":"requested-to-minister-arrested-for-the-killers-in-hathras","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारों को पकड़ने के लिए मंत्री से लगाई गुहार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्यारों को पकड़ने के लिए मंत्री से लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:40 PM IST
विज्ञापन
मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांशीराम निवासी अंकित की हत्या के बाद पुलिस ने भले ही खुलासा कर तीन लोगों को जेल भेज दिया हो, लेकिन ई-रिक्शा बरामद नहीं होने और हत्यारोपियों की पहचान उजागर नहीं होने से परिजन संतुष्ट नहीं हैं। परिजनों ने बुधवार को कॉलोनी में सफाई कार्यक्रम में पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी से गुहार लगाई। प्रभारी मंत्री ने भी मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया है।
कॉलोनी में सफाई में जुटे मंत्री से जब परिजनों ने उनके बेटे की हत्या के मामले में पुलिस के लीपापोती करने की बात कही तो मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा कि वह सफाई कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद परिजनों के घर पहुंचकर पूरी बात सुनेंगे। अपनी इस बात पर मंत्री ने अमल भी किया और वह सफाई कार्यक्रम के बाद परिजनों के घर गए। उनके साथ सांसद राजेश दिवाकर, विधायक हरीशंकर माहौर, डीएम अमित कुमार सिंह भी पीड़ित के घर पहुंचे। अंकित के पिता धर्मपाल ने बताया कि कि कोतवाली पुलिस ने हत्या में पांच लोगों को शामिल बताया है।
इनमें से दो आरोपियों को न तो केस में अभियुक्त बनाया है और न ही इनकी पहचान खोली गई है। कई दिन बीतने के बावजूद पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा हत्यारों की गिरफ्तारी न होना चिंता की बात है। वह इस मामले में पता लगाएंगे। जरूरी होगा तो मामले की जांच कराई जाएगी। विधायक हरिशंकर माहौर ने कहा कि पीड़ित उनके पास भी आया था। उन्होंने राशन दिलाने का भरोसा दिलाया है। विधायक ने कहा कि पीड़ित को और भी आर्थिक मदद दिलाई जा रही है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि अंकित 23 मई को सुबह अपने पिता धर्मपाल का ई-रिक्शा लेकर घर से निकला था। तभी से उसका पता नहीं चल रहा था। परिजनों ने 23 मई को अंकित का फोन बंद जाने पर कोतवाली पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने 23 मई को ही उसकी गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। परिजन तभी से अंकित को तलाश रहे थे। चीरघर के पीछे कोतवाली हाथरस गेट पुलिस को एक नरकंकाल मिला था। बाद में इसकी शिनाख्त लापता छात्र अंकित के रूप में हुई थी। इसमें पुलिस ने अंकित के दो पड़ोसियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
कॉलोनी में सफाई में जुटे मंत्री से जब परिजनों ने उनके बेटे की हत्या के मामले में पुलिस के लीपापोती करने की बात कही तो मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा कि वह सफाई कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद परिजनों के घर पहुंचकर पूरी बात सुनेंगे। अपनी इस बात पर मंत्री ने अमल भी किया और वह सफाई कार्यक्रम के बाद परिजनों के घर गए। उनके साथ सांसद राजेश दिवाकर, विधायक हरीशंकर माहौर, डीएम अमित कुमार सिंह भी पीड़ित के घर पहुंचे। अंकित के पिता धर्मपाल ने बताया कि कि कोतवाली पुलिस ने हत्या में पांच लोगों को शामिल बताया है।
विज्ञापन
इनमें से दो आरोपियों को न तो केस में अभियुक्त बनाया है और न ही इनकी पहचान खोली गई है। कई दिन बीतने के बावजूद पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा हत्यारों की गिरफ्तारी न होना चिंता की बात है। वह इस मामले में पता लगाएंगे। जरूरी होगा तो मामले की जांच कराई जाएगी। विधायक हरिशंकर माहौर ने कहा कि पीड़ित उनके पास भी आया था। उन्होंने राशन दिलाने का भरोसा दिलाया है। विधायक ने कहा कि पीड़ित को और भी आर्थिक मदद दिलाई जा रही है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि अंकित 23 मई को सुबह अपने पिता धर्मपाल का ई-रिक्शा लेकर घर से निकला था। तभी से उसका पता नहीं चल रहा था। परिजनों ने 23 मई को अंकित का फोन बंद जाने पर कोतवाली पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने 23 मई को ही उसकी गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। परिजन तभी से अंकित को तलाश रहे थे। चीरघर के पीछे कोतवाली हाथरस गेट पुलिस को एक नरकंकाल मिला था। बाद में इसकी शिनाख्त लापता छात्र अंकित के रूप में हुई थी। इसमें पुलिस ने अंकित के दो पड़ोसियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।