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41 लाख के गबन में पूर्व प्रधान-सेक्रेटरी पर रिपोर्ट
अमर उजाला/ हाथरस/ सहपऊ।
Updated Sat, 20 May 2017 11:42 PM IST
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कोतवाली में बैठे तत्कालीन प्रधान का बेटा और पंचायत सेक्रेटरी ।
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र की ग्राम पंचायत धाधऊ के पूर्व प्रधान एवं ग्राम पंचायत सेक्रेटरी ने ग्राम पंचायत में शौचालय एवं अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कागजों में दिखाकर सरकारी खजाने को 41,33,466 रुपये का चूना लगा दिया। उच्चाधिकारियों के आदेश पर जब जांच कराई गई तो पूरे घोटाले की पोल खुल गई। अब डीएम के आदेश पर जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) ने पूर्व प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ कोतवाली सहपऊ में मुकदमा दर्ज करा दिया है। पूर्व प्रधान तो फरार हो गए हैं, जबकि उनके बेटे और पंचायत सेक्रेटरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से ग्राम पंचायतों में खलबली मच गई है। इन पूर्व प्रधान पर छात्रवृत्ति की साढ़े चार लाख रुपये की धनराशि के गबन का भी आरोप है। इसकी जांच अंतिम चरण में है। गौरतलब है कि पंचायत सचिव को पहले किसी मामले में निलंबित किया जा चुका है।
ग्रामीणों ने कई बार इस घपले की शिकायतें की थीं। शिकायतों पर जांच चलती रही। पूर्व एवं वर्तमान डीपीआरओ की टीमों ने कई बार जांच की। कुछ दिन पूर्व अलीगढ़ मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त हरीशंकर एवं जिला विकास अधिकारी डॉ. मंजू श्रीवास्तव ने भी गांव में जाकर अंत्येष्टि स्थल का निरीक्षण किया था। उन्हें बताया गया था कि शासन से ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण के लिए कुल 28 लाख 23 हजार 800 रुपये एवं अंत्येष्टि स्थल के निर्माण के लिए 13 लाख 9 हजार 666 रुपये स्वीकृत होकर आए थे। दोनों ने मिलकर अंत्येष्टि स्थल के निर्माण के नाम पर केवल साढ़े चार इंच की चार फीट की दीवार ही खड़ी करा दी थी। उसमें भी बिटौरे एवं उपले थे।
यह भी पता चला कि ग्राम पंचायत धाधऊ के चारों मजरों में शायद ही किसी परिवार में शौचालय का निर्माण हुआ हो। इस आशय की शिकायतें तहसील दिवस में भी की गई थीं, जिसकी जांच के लिए नियुक्त की गई डीपीआरओ की टीम ने शिकायतों का सही पाया और उसकी जांच रिपोर्ट वर्तमान डीएम अमित कुमार को सौंप दी। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ उदयभान सिंह ने कोतवाली सहपऊ में निलंबित ग्राम पंचायत सेक्रेटरी हरकेश सिंह यादव एवं पूर्व प्रधान रामदयाल पुत्र छिंगाराम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है। देर शाम तक पुलिस ने पूर्व प्रधान के पुत्र गिर्राज सिंह एवं निलंबित सेक्रेटरी हरकेश सिंह को गिरफ्तार कर
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लिया है। वहीं, इस संबंध में 16 मई को एडीओ पंचायत नाहर सिंह को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे, लेकिन उन्होंने पत्र लेने से ही इंकार कर दिया। इस कारण उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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ग्रामीणों ने कई बार इस घपले की शिकायतें की थीं। शिकायतों पर जांच चलती रही। पूर्व एवं वर्तमान डीपीआरओ की टीमों ने कई बार जांच की। कुछ दिन पूर्व अलीगढ़ मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त हरीशंकर एवं जिला विकास अधिकारी डॉ. मंजू श्रीवास्तव ने भी गांव में जाकर अंत्येष्टि स्थल का निरीक्षण किया था। उन्हें बताया गया था कि शासन से ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण के लिए कुल 28 लाख 23 हजार 800 रुपये एवं अंत्येष्टि स्थल के निर्माण के लिए 13 लाख 9 हजार 666 रुपये स्वीकृत होकर आए थे। दोनों ने मिलकर अंत्येष्टि स्थल के निर्माण के नाम पर केवल साढ़े चार इंच की चार फीट की दीवार ही खड़ी करा दी थी। उसमें भी बिटौरे एवं उपले थे।
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यह भी पता चला कि ग्राम पंचायत धाधऊ के चारों मजरों में शायद ही किसी परिवार में शौचालय का निर्माण हुआ हो। इस आशय की शिकायतें तहसील दिवस में भी की गई थीं, जिसकी जांच के लिए नियुक्त की गई डीपीआरओ की टीम ने शिकायतों का सही पाया और उसकी जांच रिपोर्ट वर्तमान डीएम अमित कुमार को सौंप दी। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ उदयभान सिंह ने कोतवाली सहपऊ में निलंबित ग्राम पंचायत सेक्रेटरी हरकेश सिंह यादव एवं पूर्व प्रधान रामदयाल पुत्र छिंगाराम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है। देर शाम तक पुलिस ने पूर्व प्रधान के पुत्र गिर्राज सिंह एवं निलंबित सेक्रेटरी हरकेश सिंह को गिरफ्तार कर
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लिया है। वहीं, इस संबंध में 16 मई को एडीओ पंचायत नाहर सिंह को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे, लेकिन उन्होंने पत्र लेने से ही इंकार कर दिया। इस कारण उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।