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रामवीर-देवेंद्र के परिजन लाखों के मुचलके से पाबंद
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:34 PM IST
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चुनाव
- फोटो : SELF
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बसपा के दिग्गज नेता रामवीर उपाध्याय और सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल के बीच की प्रतिद्वंद्विता के कारण हाथरस में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। चुनाव में दोनों सियासी सूरमाओं के बीच किसी भी संभावित टकराव को टालने के लिए अधिकारियों ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है।
सदर कोतवाली पुलिस ने हाल ही में रामवीर उपाध्याय के परिजनों और देवेंद्र अग्रवाल सहित उनके परिजनों को धारा 107/116 के तहत पांच लाख रुपये के मुचलके से पाबंद किया है। मालूम हो कि हाथरस नगर पालिका सीट पर रामवीर के छोटे भाई मुकुल उपाध्याय की पत्नी ऋतु उपाध्याय और देवेंद्र अग्रवाल की पत्नी लतारानी अग्रवाल आमने-सामने हैं।
बीते विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा समर्थकाें के बीच हुए खून-खराबे से सबक लेते हुए पुलिस और प्रशासन इस बार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता। यही वजह है कि जिले की राजनीति के दो महारथियों को पाबंद कर चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने की कवायद की गई है। कोतवाल जसपाल सिंह पंवार का कहना है कि चुनाव को हर हाल में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाएगा। बसपा विधायक रामवीर उपाध्याय के परिजनों और सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल व उनके परिजनों को मुचलके से पाबंद किया गया है।
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दोनों ही नेताओं के आवास सदर कोतवाली क्षेत्र में हैं, इसलिए उन्हें पाबंद करने की कार्रवाई सदर कोतवाली पुलिस ने की है। कोतवाल ने बताया कि पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के परिवार से पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय सहित अन्य समर्थकों को पाबंद किया गया है, जबकि सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, उनके भाई राकेश अग्रवाल, बेटे चंदन अग्रवाल सहित उनके समर्थकों को पाबंद किया है। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार का कहना है कि जिन भी लोगों के खिलाफ बीते समय में आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं, सभी को पाबंद किया गया है। बसपा नेता रामवीर उपाध्याय को विधायक होने के कारण पाबंद नहीं किया गया है। उनके परिजनों और समर्थकों को पाबंद किया गया है। ज्यादातर प्रत्याशी और उनके परिजन व समर्थकों को पाबंद करने की कोशिश की गई है। सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल और उनके परिजनों को भी पाबंद किया गया है।
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई सही है। मैं इसका समर्थन करता हूं। इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
-रामवीर उपाध्याय, पूर्व मंत्री व विधायक सादाबाद
शांति व्यवस्था के नाम पर पुलिस-प्रशासन मेरे और मेरे परिवार के साथ ज्यादती कर रहा है। जो लोग वाकई शांति के लिए खतरा हैं, उनकी प्रशासन अनदेखी कर रहा है। मैं और मेरा परिवार पूरी तरह कानून का पालन करने मैं विश्वास रखता है।
-देवेंद्र अग्रवाल, पूर्व सपा विधायक सादाबाद
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सदर कोतवाली पुलिस ने हाल ही में रामवीर उपाध्याय के परिजनों और देवेंद्र अग्रवाल सहित उनके परिजनों को धारा 107/116 के तहत पांच लाख रुपये के मुचलके से पाबंद किया है। मालूम हो कि हाथरस नगर पालिका सीट पर रामवीर के छोटे भाई मुकुल उपाध्याय की पत्नी ऋतु उपाध्याय और देवेंद्र अग्रवाल की पत्नी लतारानी अग्रवाल आमने-सामने हैं।
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बीते विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा समर्थकाें के बीच हुए खून-खराबे से सबक लेते हुए पुलिस और प्रशासन इस बार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता। यही वजह है कि जिले की राजनीति के दो महारथियों को पाबंद कर चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने की कवायद की गई है। कोतवाल जसपाल सिंह पंवार का कहना है कि चुनाव को हर हाल में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाएगा। बसपा विधायक रामवीर उपाध्याय के परिजनों और सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल व उनके परिजनों को मुचलके से पाबंद किया गया है।
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दोनों ही नेताओं के आवास सदर कोतवाली क्षेत्र में हैं, इसलिए उन्हें पाबंद करने की कार्रवाई सदर कोतवाली पुलिस ने की है। कोतवाल ने बताया कि पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के परिवार से पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय सहित अन्य समर्थकों को पाबंद किया गया है, जबकि सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, उनके भाई राकेश अग्रवाल, बेटे चंदन अग्रवाल सहित उनके समर्थकों को पाबंद किया है। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार का कहना है कि जिन भी लोगों के खिलाफ बीते समय में आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं, सभी को पाबंद किया गया है। बसपा नेता रामवीर उपाध्याय को विधायक होने के कारण पाबंद नहीं किया गया है। उनके परिजनों और समर्थकों को पाबंद किया गया है। ज्यादातर प्रत्याशी और उनके परिजन व समर्थकों को पाबंद करने की कोशिश की गई है। सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल और उनके परिजनों को भी पाबंद किया गया है।
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई सही है। मैं इसका समर्थन करता हूं। इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
-रामवीर उपाध्याय, पूर्व मंत्री व विधायक सादाबाद
शांति व्यवस्था के नाम पर पुलिस-प्रशासन मेरे और मेरे परिवार के साथ ज्यादती कर रहा है। जो लोग वाकई शांति के लिए खतरा हैं, उनकी प्रशासन अनदेखी कर रहा है। मैं और मेरा परिवार पूरी तरह कानून का पालन करने मैं विश्वास रखता है।
-देवेंद्र अग्रवाल, पूर्व सपा विधायक सादाबाद