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दूसरे दिन भी पटरी पर नहीं लौट सकीं रेल सेवाएं
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Thu, 24 Aug 2017 11:40 PM IST
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औरैया के पास पास कैफियात एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के दूसरे दिन दोपहर तक रेलवे ट्रैक सुचारु नहीं हो सका। गुरुवार को भी कई ट्रेनों को रूट डायवर्ट कर कासगंज-मथुरा ट्रैक से गुजारा गया, वहीं तीन ट्रेनों का पहले ही रूट डायवर्ट कर दिया गया और हाथरस जंक्शन के लिए यह ट्रेनें निरस्त रहीं।
बुधवार को हुए हादसे का असर गुरुवार को भी रेलवे की समय सारिणी पर दिखाई दिया। हादसे के कारण कई ट्रेने लेट हुईं। हालंाकि दोपहर बाद ट्रैक की अपलाइन को क्लीयर कर दिया गया और इसके तीन घंटे बाद डाउन लाइन को भी क्लीयर कर दिया गया।
कोटा-पटना और जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेनों को मथुरा-कासगंज रूट से डायवर्ट किया गया। इन ट्रेनों को मथुरा ले जाकर वहां से दिल्ली ले जाया गया। वहीं महानंदा एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस और संगम एक्सप्रेस को हाथरस जंक्शन स्टेशन से काफी पहले ही डायवर्ट कर टूंडला से होकर दिल्ली पहुंचाया गया। इसलिए यह ट्रेनें हाथरस जंक्शन स्टेशन के लिए निरस्त रहीं। हादसे के कारण गुरुवार को ऊंचाहार एक्सप्रेस 59 मिनट देरी से, मुरी साढ़े तीन घंटे की देरी से और कटिहार एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से हाथरस जंक्शन पहुंचीं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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दोपहर बाद अपलाईन को क्लीयर किए जाने के बाद कानपुर से दिल्ली की ओर जाने वाली कई गाड़ियो को रवाना किया गया। दिल्ली की ओर जाने वाली कैफियत, राजधानी और शताब्दी जैसी सुपरफास्ट ट्रेनो का संचालन सुचारु कर दिया गया। बुधवार को कैफियत एक्सप्रेस के कई डिब्बों के पटरी से उतर जाने के कारण हुए हादसे के बाद रूट बंद कर दिया गया था और बहुत सी ट्रेनों को रूट बदल कर गुजारा जा रहा था। जिससे लोग तय समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे थे।
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बुधवार को हुए हादसे का असर गुरुवार को भी रेलवे की समय सारिणी पर दिखाई दिया। हादसे के कारण कई ट्रेने लेट हुईं। हालंाकि दोपहर बाद ट्रैक की अपलाइन को क्लीयर कर दिया गया और इसके तीन घंटे बाद डाउन लाइन को भी क्लीयर कर दिया गया।
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कोटा-पटना और जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेनों को मथुरा-कासगंज रूट से डायवर्ट किया गया। इन ट्रेनों को मथुरा ले जाकर वहां से दिल्ली ले जाया गया। वहीं महानंदा एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस और संगम एक्सप्रेस को हाथरस जंक्शन स्टेशन से काफी पहले ही डायवर्ट कर टूंडला से होकर दिल्ली पहुंचाया गया। इसलिए यह ट्रेनें हाथरस जंक्शन स्टेशन के लिए निरस्त रहीं। हादसे के कारण गुरुवार को ऊंचाहार एक्सप्रेस 59 मिनट देरी से, मुरी साढ़े तीन घंटे की देरी से और कटिहार एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से हाथरस जंक्शन पहुंचीं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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दोपहर बाद अपलाईन को क्लीयर किए जाने के बाद कानपुर से दिल्ली की ओर जाने वाली कई गाड़ियो को रवाना किया गया। दिल्ली की ओर जाने वाली कैफियत, राजधानी और शताब्दी जैसी सुपरफास्ट ट्रेनो का संचालन सुचारु कर दिया गया। बुधवार को कैफियत एक्सप्रेस के कई डिब्बों के पटरी से उतर जाने के कारण हुए हादसे के बाद रूट बंद कर दिया गया था और बहुत सी ट्रेनों को रूट बदल कर गुजारा जा रहा था। जिससे लोग तय समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे थे।