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उर्वरक की दुकानों पर छापेमारी से मचा हड़कंप, 18 नमूने भरे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:31 AM IST
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हाथरस में उर्वरक विक्रेता के यहां छापेमारी करते कृषि अधिकारी।
- फोटो : Amar Ujala
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शासन के निर्देशों पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने तहसील टीम को साथ लेकर दर्जनों उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी से जिले भर के उर्वरक विक्रेताओं में खलबली मच गई।
वही कई दुकानदार तो अपनी दुकानों को बंद कर भाग गए। जिले भर में 83 दुकानों पर संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान 18 नमूने लिए गए। वहीं तीन दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने तहसीलदार कमलेश गोयल के साथ 18 उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापेमारी की। इस मौके पर मौजूद स्टॉक का निरीक्षण किया। वहीं किसानों को उनकी फसल के लिए दिए जा रहे खाद, जिंक, माइकोन्यूट्रिएट की गुणवत्ता की जांच की। लाइसेंस के अनुरूप विक्रेता द्वारा क्या क्या उर्वरक बेचे जा रहे है।
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इसका भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। उर्वरक पदार्थों की गुणवत्ता पर संदेह मिलने पर उनके नमूने भी लिए गए। इस मौके पर विभागीय अधिकारियों ने जिंक, डीएपी आदि उर्वरक पदार्थों का नमूने लिए और जांच के लिए लैब भेज दिए गए है।
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वही कई दुकानदार तो अपनी दुकानों को बंद कर भाग गए। जिले भर में 83 दुकानों पर संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान 18 नमूने लिए गए। वहीं तीन दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
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जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने तहसीलदार कमलेश गोयल के साथ 18 उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापेमारी की। इस मौके पर मौजूद स्टॉक का निरीक्षण किया। वहीं किसानों को उनकी फसल के लिए दिए जा रहे खाद, जिंक, माइकोन्यूट्रिएट की गुणवत्ता की जांच की। लाइसेंस के अनुरूप विक्रेता द्वारा क्या क्या उर्वरक बेचे जा रहे है।
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इसका भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। उर्वरक पदार्थों की गुणवत्ता पर संदेह मिलने पर उनके नमूने भी लिए गए। इस मौके पर विभागीय अधिकारियों ने जिंक, डीएपी आदि उर्वरक पदार्थों का नमूने लिए और जांच के लिए लैब भेज दिए गए है।