{"_id":"6ab43ab55a4a676a7a07c698","slug":"provided-fingerprints-for-five-months-but-got-nothing-in-the-name-of-rations-hathras-news-c-56-1-sali1016-154584-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: पांच महीने तक लगाया अंगूठा, राशन के नाम पर मिला ठेंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: पांच महीने तक लगाया अंगूठा, राशन के नाम पर मिला ठेंगा
Thu, 24 Sep 2026 02:16 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 24 Sep 2026 02:16 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
सासनी तहसील की ग्राम पंचायत लौहर्रा की राशन डीलर सावित्री देवी के खिलाफ पूर्ति विभाग ने कोतवाली सासनी में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। जांच में खुलासा हुआ कि राशन डीलर पांच महीने से कार्डधारकों से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवा रही थीं, लेकिन उन्हें राशन के नाम पर कुछ नहीं दिया।
निरीक्षण में दुकान पूरी तरह खाली मिली। आवंटित राशन में से 332 क्विंटल अवशेष खाद्यान्न भी वहां नहीं था। पूर्ति निरीक्षक रवींद्र कुमार के अनुसार सितंबर माह का वितरण शुरू न होने पर वह आपूर्ति लिपिक कृष्णा कुमार के साथ 14 सितंबर को लौहर्रा स्थिति राशन की दुकान के औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। दुकान खुली थी, लेकिन राशन डीलर सावित्री देवी वहां मौजूद नहीं थीं।
नियमों के अनुसार दुकान पर खाद्यान्न वितरण और स्टॉक के बारे में कोई बोर्ड या सूचना प्रदर्शित नहीं थी। मकान मालिक की बहू संगीता ने लिखित बयान में बताया कि डीलर ने एक वर्ष से कमरा किराये पर लिया है, लेकिन पिछले कई महीनों से न किराया दिया और न ही राशन का वितरण किया है।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान कमरा पूरी तरह से खाली मिला। जब राशन डीलर सावित्री देवी के मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उनके पुत्र विष्णु कुमार गुप्ता से बात हुई। उन्होंने आवंटित स्टॉक और दुकान की स्वीकृत चौहद्दी के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्हें मौके पर बुलाया गया लेकिन डीलर या उनके पुत्र नहीं आए। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद कोतवाली सासनी में राशन डीलर सावित्री देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विभागीय वेबसाइट और ऑनलाइन रिकॉर्ड के मिलान से सामने आया कि राशन डीलर के पास लगभग 151.62 क्विंटल गेहूं, 101.68 क्विंटल चावल, 72.01 क्विंटल बाजरा, 7.44 क्विंटल मक्का और 0.12 क्विंटल चीनी सहित करीब 332 क्विंटल का अवशेष स्टॉक होना चाहिए था। मौके पर कुछ भी न मिलने से आशंका है कि अवशेष खाद्यान्न को कार्डधारकों में बांटने के बजाय उसकी कालाबाजारी की गई है।
कार्डधारकों ने खोली वितरण की पोल
पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने गांव के 27 कार्डधारकों के बयान भी दर्ज किए। कार्डधारकों में पिंकी, पुष्पेंद्र आदि ने बताया कि राशन डीलर पिछले पांच-छह महीनों से बायोमीट्रिक ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट (अंगूठा) तो लगवा लेती थीं लेकिन राशन नहीं देती थीं। कुसुमलता, मिथिलेश, महारानी देवी ने बताया कि गांव में राशन न मिलने के कारण उन्हें दूसरे गांवों में भटकना पड़ता है।
पूर्ति निरीक्षक सासनी रवींद्र कुमार की तहरीर के आधार पर राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू हो गई है। तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-हिमांशु माथुर, सीओ।
विज्ञापन
निरीक्षण में दुकान पूरी तरह खाली मिली। आवंटित राशन में से 332 क्विंटल अवशेष खाद्यान्न भी वहां नहीं था। पूर्ति निरीक्षक रवींद्र कुमार के अनुसार सितंबर माह का वितरण शुरू न होने पर वह आपूर्ति लिपिक कृष्णा कुमार के साथ 14 सितंबर को लौहर्रा स्थिति राशन की दुकान के औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। दुकान खुली थी, लेकिन राशन डीलर सावित्री देवी वहां मौजूद नहीं थीं।
विज्ञापन
नियमों के अनुसार दुकान पर खाद्यान्न वितरण और स्टॉक के बारे में कोई बोर्ड या सूचना प्रदर्शित नहीं थी। मकान मालिक की बहू संगीता ने लिखित बयान में बताया कि डीलर ने एक वर्ष से कमरा किराये पर लिया है, लेकिन पिछले कई महीनों से न किराया दिया और न ही राशन का वितरण किया है।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान कमरा पूरी तरह से खाली मिला। जब राशन डीलर सावित्री देवी के मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उनके पुत्र विष्णु कुमार गुप्ता से बात हुई। उन्होंने आवंटित स्टॉक और दुकान की स्वीकृत चौहद्दी के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्हें मौके पर बुलाया गया लेकिन डीलर या उनके पुत्र नहीं आए। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद कोतवाली सासनी में राशन डीलर सावित्री देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विभागीय वेबसाइट और ऑनलाइन रिकॉर्ड के मिलान से सामने आया कि राशन डीलर के पास लगभग 151.62 क्विंटल गेहूं, 101.68 क्विंटल चावल, 72.01 क्विंटल बाजरा, 7.44 क्विंटल मक्का और 0.12 क्विंटल चीनी सहित करीब 332 क्विंटल का अवशेष स्टॉक होना चाहिए था। मौके पर कुछ भी न मिलने से आशंका है कि अवशेष खाद्यान्न को कार्डधारकों में बांटने के बजाय उसकी कालाबाजारी की गई है।
कार्डधारकों ने खोली वितरण की पोल
पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने गांव के 27 कार्डधारकों के बयान भी दर्ज किए। कार्डधारकों में पिंकी, पुष्पेंद्र आदि ने बताया कि राशन डीलर पिछले पांच-छह महीनों से बायोमीट्रिक ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट (अंगूठा) तो लगवा लेती थीं लेकिन राशन नहीं देती थीं। कुसुमलता, मिथिलेश, महारानी देवी ने बताया कि गांव में राशन न मिलने के कारण उन्हें दूसरे गांवों में भटकना पड़ता है।
पूर्ति निरीक्षक सासनी रवींद्र कुमार की तहरीर के आधार पर राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू हो गई है। तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-हिमांशु माथुर, सीओ।