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आईडीबीआई बैंक पर प्रदर्शन
hathras
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:57 PM IST
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हाथरस। यूनाइटेड फोरम के आह्वान पर शुक्रवार को आईडीबीआई बैंक के अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर रहे और बैंक के बाहर धरना भी दिया। बैंक कर्मचारियों के राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया बैंक इंपलाइज एसोसिएशन ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया, जिसके बाद अन्य बैंक के कर्मचारियों व अधिकारियों ने इस हड़ताल का समर्थन किया और विरोध स्वरूप बैज लगाकर बैंकों में काम किया।
संगठन के जिला मंत्री बीएस जैन ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीयकृत बैंकों को निजीकरण के क्षेत्र में लाना चाहती है। आईडीबीआई में जो सरकार का इरादा है कि सरकारी अंशधारिता 51 फीसदी से कम कर दी जाए, यह उचित नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा यह गाज सिर्फ इसी बैंक पर नहीं डाली जा रही है, भविष्य में अन्य बैंकों पर भी डाली जाएगी। एनडीए सरकार ने सन 2003 में संसद में यह आश्वासन दिया था कि इस बैंक में सरकारी पूंजी को प्रत्येक स्थिति में 51 फीसदी बनाए रखा जाएगा।
बैंक कर्मचारियों को एकजुट होकर साहस के साथ केंद्र सरकार की निजीकरण की नीति का विरोध करना चाहिए। बैंक प्रबंधक संग्राम सिंह ने सभी बैंक कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। संगठन के अध्यक्ष वीके शर्मा ने केंद्र सरकार की निजीकरण की नीति की कटु शब्दों में निंदा की तथा हड़ताल व प्रदर्शन को सफल करने के लिये सभी बैंक कर्मियों को धन्यवाद दिया।
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कार्यक्रम को सफल बनाने में राकेश वर्मा, डीसी गुप्ता, बनी सिंह, नवलकिशोर शर्मा, ओमप्रकाश, विवेक यादव, एके वर्मा, केएल वर्मा, देवेन्द्र सिंह, दर्याव सिंह, केपी सिंह, मंयक यादव, हुकुम सिंह, यतेश गर्ग, शंकर लाल, अर्जित राय, क्षेत्रपाल सिंह, गयाप्रसाद एवं धर्मेंद्र कुमार का सहयोग सराहनीय रहा।
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संगठन के जिला मंत्री बीएस जैन ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीयकृत बैंकों को निजीकरण के क्षेत्र में लाना चाहती है। आईडीबीआई में जो सरकार का इरादा है कि सरकारी अंशधारिता 51 फीसदी से कम कर दी जाए, यह उचित नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा यह गाज सिर्फ इसी बैंक पर नहीं डाली जा रही है, भविष्य में अन्य बैंकों पर भी डाली जाएगी। एनडीए सरकार ने सन 2003 में संसद में यह आश्वासन दिया था कि इस बैंक में सरकारी पूंजी को प्रत्येक स्थिति में 51 फीसदी बनाए रखा जाएगा।
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बैंक कर्मचारियों को एकजुट होकर साहस के साथ केंद्र सरकार की निजीकरण की नीति का विरोध करना चाहिए। बैंक प्रबंधक संग्राम सिंह ने सभी बैंक कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। संगठन के अध्यक्ष वीके शर्मा ने केंद्र सरकार की निजीकरण की नीति की कटु शब्दों में निंदा की तथा हड़ताल व प्रदर्शन को सफल करने के लिये सभी बैंक कर्मियों को धन्यवाद दिया।
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कार्यक्रम को सफल बनाने में राकेश वर्मा, डीसी गुप्ता, बनी सिंह, नवलकिशोर शर्मा, ओमप्रकाश, विवेक यादव, एके वर्मा, केएल वर्मा, देवेन्द्र सिंह, दर्याव सिंह, केपी सिंह, मंयक यादव, हुकुम सिंह, यतेश गर्ग, शंकर लाल, अर्जित राय, क्षेत्रपाल सिंह, गयाप्रसाद एवं धर्मेंद्र कुमार का सहयोग सराहनीय रहा।