कैसे हो विकास: बोर्ड बैठक में नहीं पहुंचे पूरे बीडीसी-प्रधान, साढ़े तीन करोड़ के प्रस्ताव पास
ब्लॉक क्षेत्र में 62 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 81 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 62 ग्राम प्रधान हैं। 24 जनवरी को क्षेत्र पंचायत बोर्ड की बैठक में 64 बीडीसी सदस्य ही पहुंचे थे। वहीं 62 प्रधानों में से 50 शामिल हुए। 12 प्रधान और 15 बीडीसी सदस्य गए ही नहीं।
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24 जनवरी को ब्लॉक सभागार में क्षेत्र पंचायत की बैठक हुई। इसमें नाली, इंटरलॉकिंग और सीसी सड़क निर्माण आदि के 40 प्रस्ताव क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने पेश किए। इस दौरान साढ़े तीन करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास किए गए। ब्लाॅक प्रमुख सीमा सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान मौजूद रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह, पूर्व मंत्री ठा. दलवीर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. कृष्णपाल सिंह, महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी मंचासीन रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत मिलकर क्षेत्र और जिले के विकास में पूरा सहयोग कर रहे हैं। महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी ने कहा के मोदी-योगी सरकार में सबका साथ-सबका विकास किया जा रहा है। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. कृष्णपाल सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में देश और प्रदेश नई ऊंचाई छू रहे हैं।
ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि ठा. रेशमपाल सिंह, बीडीओ राहुल वर्मा, चेयरमैन डॉ. डीएस भारती, पिसावा चेयरमैन के पति राजबाबू शर्मा, जिला पंचायत सदस्य बंटी बिसारा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख पुष्पलता सिंह, भाजयुमो नेता विजय कुमार पप्पू आदि मौजूद रहे।
कैसे हो विकास... जब बैठक में नहीं पहुंचते बीडीसी-प्रधान
ब्लॉक क्षेत्र में 62 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 81 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 62 ग्राम प्रधान हैं। 24 जनवरी को क्षेत्र पंचायत बोर्ड की बैठक में 64 बीडीसी सदस्य ही पहुंचे थे। वहीं 62 प्रधानों में से 50 शामिल हुए। 12 प्रधान और 15 बीडीसी सदस्य गए ही नहीं। क्षेत्र पंचायत की बोर्ड बैठक में बीडीसी सदस्यों से ही प्रस्ताव लिए जाते हैं। उन्हें ही भत्ता भी मिलता है। जो 64 बीडीसी सदस्य बैठक में शामिल भी हुए थे, उनमें से अधिकांश मूकदर्शक ही बने रहे। बोर्ड की बैठक में साढ़े तीन करोड़ रुपये के 40 प्रस्ताव आए। इनमें कुछ बीडीसी ऐसे थे, जिनके दो-दो प्रस्ताव थे। कुछ के एक-एक प्रस्ताव शामिल हुए। ऐसे में आधे से ज्यादा बीडीसी सदस्यों के क्षेत्र ब्लॉक की ओर से इस बार शायद ही कोई काम हो पाए।