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Hathras News: मीजल्स की बूस्टर डोज में रुकाव बने निजी विद्यालय

Sat, 28 Feb 2026 02:37 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sat, 28 Feb 2026 02:37 AM IST
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Private schools become a hurdle in providing measles booster doses
खसरा और रूबेला के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष टीकाकरण अभियान में निजी स्कूलों का रवैया बाधा बन रहा है। शहर के नामी कॉन्वेंट स्कूलों की आनाकानी के चलते स्वास्थ्य विभाग अपने लक्ष्य से काफी पीछे छूट गया है। आंकड़ों की स्थिति यह है कि कुल 1.47 लाख लक्षित बच्चों में से अब तक केवल 48 हजार बच्चों को ही बूस्टर डोज लग सकी है।
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17 फरवरी से दस दिन के अभियान की शुरुआत की गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने बूस्टर डोज के लिए तैयार माइक्रो प्लान में 1699 विद्यालयों का चयन किया था। पिछले वर्ष 197 खसरे के मरीज सामने आए थे, जिनमें से सबसे अधिक संख्या पांच से दस साल के बच्चों की थी, इसलिए अभियान में कक्षा एक से पांच तक के 1,47,693 बच्चों को चिह्नित किया गया था। जिन बच्चों को बचपन में एमआर-वन व टू का टीका दिया जा चुका है, उन्हें भी बूस्टर डोज का इंजेक्शन दिया गया।
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शिक्षा विभाग से कॉर्डिनेट करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग शत-प्रतिशत बच्चों को टीका नहीं लगा सका है। 17 फरवरी से बुधवार तक मात्र 48 हजार बच्चों को ही मीजल्स व रूबेला की बूस्टर डोज लग सकी। इनमें से 42 हजार बच्चों का डाटा यूविन पोर्टल पर फीड किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो कान्वेंट स्कूल सबसे अधिक लापरवाही बरत रहे हैं।
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जितना बच्चों में इंजेक्शन को लेकर डर नहीं, उससे कहीं अधिक स्कूल प्रबंधन को है। इस तरह के जिले के 18 स्कूल चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें डीआईओएस के माध्यम से नोटिस जारी करने की तैयारी है।



उपस्थिति रह जाती है कम

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ. एमआई आलम ने बताया कि स्कूल प्रबंधन को एक दिन पहले टीकाकरण की जानकारी दी जाती है, जिससे तैयारियां की जा सकें। इसके विपरीत अगले दिन बच्चों की उपस्थिति कम हो जाती है। कुछ बच्चे इंजेक्शन के डर नहीं आते, तो कुछ के अभिभावक इंकार कर देते हैं।




60 स्कूलों में चलाया गया अभियान

स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के अंतिम दिन के लिए सात ब्लॉकों के 105 स्कूल चिह्नित किए थे, जो माइक्रो प्लान से अछूते रह गए थे। इनमें कॉन्वेंट स्कूल शामिल नहीं हैं। इनमें 9267 बच्चों को चिह्नित किया गया था। 27 फरवरी को विशेष अभियान दिवस के तहत इनमें से 6246 बच्चों को बूस्टर डोज दी जा सकी। बता दें कि यह दस दिवसीय अभियान प्रदेश के 45 जिलों में चलाया गया था, जहां वर्ष 2025 में मीजल्स के अधिक मामले सामने आए थे। इनका रिपोर्ट कार्ड शनिवार को जारी होगा।






सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे खंड शिक्षा अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराएं। इसके अतिरिक्त डीआईओएस व बीएसए को भी पत्र लिखा गया है, जिससे कान्वेंट स्कूलों में भी बच्चों को टीका लगाया जा सके। -डाॅ. राजीव रॉय, सीएमओ
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