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प्रीति, देवेंद्र, जीवन समेत 35 प्रत्याशियों की जमानत जब्त
ब्यूूराे अमर उजाला/ हाथरस।
Updated Sun, 12 Mar 2017 12:21 AM IST
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चुनाव में कई सियासी सूरमा धूल चाट गए हैं। चुनाव से पहले तक जीत का दावा करने वाले कई नेताओं की जमानत तक जब्त हो गई है।
इनमें से दो विधायक और दो पूर्व विधायक हैं। हाथरस सीट से भाजपा प्रत्याशी हरिशंकर माहौर और बसपा प्रत्याशी बृजमोहन राही को छोड़कर बाकी 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इनमें कांग्रेस प्रत्याशी राजेश राज जीवन और सदर विधायक गेंदालाल चौधरी शामिल हैं। सादाबाद और सिकंदराराऊ में 12-12 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। सादाबाद में भाजपा प्रत्याशी प्रीति चौधरी भी अपनी जमानत नहीं बचा सकी हैं हालांकि जमानत के लिए जरूरी वोटों से वह कुछ ही अंतर से पिछड़ गई।
सपा के विधायक देवेंद्र अग्रवाल भी अपनी जमानत नहीं बचा सके। उन्हें प्रीति चौधरी से भी कम वोट मिले और वह चौथे पायदान पर रहे। सिकंदराराऊ में भी भाजपा, बसपा और सपा प्रत्याशी को छोड़कर कोई अपनी जमानत नहीं बचा सका। इनमें पूर्व विधायक अमर सिंह यादव और पूर्व एमएलसी राकेश सिंह राना शामिल हैं।
मालूम हो कि नामांकन के दौरान प्रत्याशियों से जमानत राशि जमा कराई जाती है। चुनाव में जमानत राशि जब्त होने को प्रत्याशी की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाता है। एडीएम अली हसन कर्मी के मुताबिक कुल पड़े वैध मतों में से 17 फीसदी से कम वोट लाने वाले प्रत्याशी की जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को जमानत राशि के तौर पर 10 हजार और आरक्षित प्रत्याशी को पांच हजार रुपये जमा करने होते हैं।
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इनमें से दो विधायक और दो पूर्व विधायक हैं। हाथरस सीट से भाजपा प्रत्याशी हरिशंकर माहौर और बसपा प्रत्याशी बृजमोहन राही को छोड़कर बाकी 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इनमें कांग्रेस प्रत्याशी राजेश राज जीवन और सदर विधायक गेंदालाल चौधरी शामिल हैं। सादाबाद और सिकंदराराऊ में 12-12 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। सादाबाद में भाजपा प्रत्याशी प्रीति चौधरी भी अपनी जमानत नहीं बचा सकी हैं हालांकि जमानत के लिए जरूरी वोटों से वह कुछ ही अंतर से पिछड़ गई।
सपा के विधायक देवेंद्र अग्रवाल भी अपनी जमानत नहीं बचा सके। उन्हें प्रीति चौधरी से भी कम वोट मिले और वह चौथे पायदान पर रहे। सिकंदराराऊ में भी भाजपा, बसपा और सपा प्रत्याशी को छोड़कर कोई अपनी जमानत नहीं बचा सका। इनमें पूर्व विधायक अमर सिंह यादव और पूर्व एमएलसी राकेश सिंह राना शामिल हैं।
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मालूम हो कि नामांकन के दौरान प्रत्याशियों से जमानत राशि जमा कराई जाती है। चुनाव में जमानत राशि जब्त होने को प्रत्याशी की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाता है। एडीएम अली हसन कर्मी के मुताबिक कुल पड़े वैध मतों में से 17 फीसदी से कम वोट लाने वाले प्रत्याशी की जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को जमानत राशि के तौर पर 10 हजार और आरक्षित प्रत्याशी को पांच हजार रुपये जमा करने होते हैं।
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