{"_id":"5a0892014f1c1baf678bb1bd","slug":"pond-track-cut-crop-steep","type":"story","status":"publish","title_hn":"रजवाहे की पटरी कटी, 300 बीघा फसल डूबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रजवाहे की पटरी कटी, 300 बीघा फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो, सादाबाद।
Updated Mon, 13 Nov 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
सादाबाद में बंबे की कटी पटरी।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्बा बिसावर स्थित दघैंटा रजवाह की पटरी पानी के तेज बहाव और ओवरफ्लो होने से तीन दिनों में दूसरी बार फिर से टूट गई। इस बार रजवाहे के पानी ने कई किसानों की दिन रात मेहनत से की गई आलू, सरसों, गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। किसानों की करीब 300 बीघा फसल पानी में डूब गई। इससे किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। किसानों ने अपनी डूबी हुई फसल को देखकर अपना माथा पकड़ लिया। उनके चेहरों पर चिंता की लकीरें पड़ गईं।
ग्राम पंचायत बिसावर के मजरा टीकैत के पास शनिवार रात अचानक दघैंटा रजवाहे की पटरी कट गई और पूरी रात रजवाहे का पानी खेतों में भरता रहा। जब सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो खेतों को पानी से भरा देख उनके होश उड़ गए। आनन फानन में वहां काफी किसान एकत्रित हो गए।
फावड़े, बोरों आदि के सहारे कटी पटरी को ठीक कर पानी के बहाव को खेतों की ओर से रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण किसानों की कोशिश नाकाम रही। सूचना देने के काफी समय बाद वहां दोपहर साढ़े 11 बजे सिंचाई विभाग के दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जेसीबी लेकर पर पहुंचे। पानी को रुकवाकर जेसीबी के माध्यम से पटरी को ठीक किया गया। तब जाकर किसानों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
इन किसानों की डूबी फसल
रजवाहे की पटरी कटने से गांव विधिपुर के किसान संजय गौतम की 22 बीघा, टीकैत निवासी मुकेश कुमार की 15 बीघा, पूरन सिंह व सौदान सिंह की 30-30 बीघा, रेव कुमार की 24 बीघा सहित बिजेंद्र सिंह, धाराजीत, राधेश्याम आदि किसानों की करीब 300 बीघा फसलें पानी में डूब गईं। इन किसानों ने प्रशासन से रजवाहे के पानी की वजह से अपनी फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत बिसावर के मजरा टीकैत के पास शनिवार रात अचानक दघैंटा रजवाहे की पटरी कट गई और पूरी रात रजवाहे का पानी खेतों में भरता रहा। जब सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो खेतों को पानी से भरा देख उनके होश उड़ गए। आनन फानन में वहां काफी किसान एकत्रित हो गए।
विज्ञापन
फावड़े, बोरों आदि के सहारे कटी पटरी को ठीक कर पानी के बहाव को खेतों की ओर से रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण किसानों की कोशिश नाकाम रही। सूचना देने के काफी समय बाद वहां दोपहर साढ़े 11 बजे सिंचाई विभाग के दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जेसीबी लेकर पर पहुंचे। पानी को रुकवाकर जेसीबी के माध्यम से पटरी को ठीक किया गया। तब जाकर किसानों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
इन किसानों की डूबी फसल
रजवाहे की पटरी कटने से गांव विधिपुर के किसान संजय गौतम की 22 बीघा, टीकैत निवासी मुकेश कुमार की 15 बीघा, पूरन सिंह व सौदान सिंह की 30-30 बीघा, रेव कुमार की 24 बीघा सहित बिजेंद्र सिंह, धाराजीत, राधेश्याम आदि किसानों की करीब 300 बीघा फसलें पानी में डूब गईं। इन किसानों ने प्रशासन से रजवाहे के पानी की वजह से अपनी फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की।