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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इत्र उद्योग को समाप्त करने पर अमादा : पूर्व विधायक
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पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान ने कहा है कि हसायन कस्बे और देहात क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इत्र उद्योग को समाप्त करने पर आमादा हैं, जबकि यह पारंपरिक पद्धति से संचालित होता है। जिससे किसी प्रकार का प्रदूषण या स्वास्थ्य नुकसान नहीं होता है।
पूर्व विधायक ने कहा कि इत्र निकालने की प्रक्रिया पूरी तरह देसी तकनीक पर आधारित है। इसमें न मशीनों का उपयोग होता है और न ही रसायनों का। मजदूर ईंट और मिट्टी से बनी भट्टियों पर गाय-भैंस के उपले और लकड़ी का प्रयोग कर इत्र तैयार करते हैं। यह विधि सौ वर्षों से अधिक समय से चल रही है। आज तक किसी मजदूर या व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी कोई हानि नहीं हुई है।
पूर्व विधायक ने कहा कि यह कुटीर उद्योग गरीब तबके के किसानों और मजदूरों के लिए रोजगार का साधन है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की जा रही कार्रवाई से हजारों लोगों की आजीविका खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और लखनऊ के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर हस्तक्षेप करने की मांग की है। कहा कि यदि यह परंपरागत उद्योग बंद हुआ तो किसान और मजदूर वर्ग बुरी तरह प्रभावित होगा और उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा।
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पूर्व विधायक ने कहा कि इत्र निकालने की प्रक्रिया पूरी तरह देसी तकनीक पर आधारित है। इसमें न मशीनों का उपयोग होता है और न ही रसायनों का। मजदूर ईंट और मिट्टी से बनी भट्टियों पर गाय-भैंस के उपले और लकड़ी का प्रयोग कर इत्र तैयार करते हैं। यह विधि सौ वर्षों से अधिक समय से चल रही है। आज तक किसी मजदूर या व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी कोई हानि नहीं हुई है।
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पूर्व विधायक ने कहा कि यह कुटीर उद्योग गरीब तबके के किसानों और मजदूरों के लिए रोजगार का साधन है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की जा रही कार्रवाई से हजारों लोगों की आजीविका खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और लखनऊ के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर हस्तक्षेप करने की मांग की है। कहा कि यदि यह परंपरागत उद्योग बंद हुआ तो किसान और मजदूर वर्ग बुरी तरह प्रभावित होगा और उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा।
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