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दबिश देने गए दरोगा की सड़क दुर्घटना में मौत
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सासनी के दरोगा की बुलंदशहर में हादसे में मौत
कोतवाली में दर्ज मुकदमे में वांछित को पकड़ने गए थे गाजियाबाद
बुलंदशहर के गांव छपरावत के निकट हुए हादसे का शिकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
सासनी (हाथरस)। कोतवाली में तैनात एक दरोगा की बुधवार की देर रात को मौत हो गई है। सूचना मिलने पर परिवार के साथ थाने में भी सन्नाटा पसर गया। कोतवाली से एक दरोगा को मृत दरोगा के पैतृक गांव भेजा गया। कोतवाली का माहौल पूरे दिन गमगीन रहा। कोतवाल और थाने का अन्य स्टाफ पूरी स्थिति पर नजर रखे रहा।
दरअसल, जनपद मेरठ के थाना कंकड़ खेड़ा के गांव गोविंदपुरी निवासी चरन सिंह के 38 वर्षीय पुत्र निधिकांत पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे। वर्तमान में वह कोतवाली सासनी में तैनात थे। बताते हैं कि इससे पहले वह पीएसी में आरक्षी थे। वहां से वह नौकरी छोड़कर अध्यापक के पद पर तैनात हुए वहां से नौकरी छोड़ कर वर्ष 2017 में पुलिस में उप निरीक्षक बने।
बुधवार की शाम को निधिकांत कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में वांछित अपराधी को पकड़ने के लिए गाजियाबाद गए थे। रात्रि करीब साढे़ 11 बजे वह गाजियाबाद से अपनी बुलट द्वारा लौट रहे थे। मेरठ के निकट एनएच संख्या 235 पर ग्राम फूटा अट्टा (छपरावत) थाना गुलावटी जिला बुलंदशहर के निकट सामने से आ रहे किसी वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बुलट क्षतिग्रस्त हो गई। घायल दरोगा को जिला अस्पताल मेरठ में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण घायल दरोगा को हायर मेडिकल सेंटर मेरठ भेजा गया। उपचार के दौरान घायल दरोगा निधिकांत की मौत हो गई। निधिकांत तीन भाई थे। वह तीनों में दूसरे नंबर के थे। उन्होंने अपने पीछे चार वर्षीय मासूम बच्ची एवं पत्नी को बिलखते हुए छोड़ा है।
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कोतवाली में दर्ज मुकदमे में वांछित को पकड़ने गए थे गाजियाबाद
बुलंदशहर के गांव छपरावत के निकट हुए हादसे का शिकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
सासनी (हाथरस)। कोतवाली में तैनात एक दरोगा की बुधवार की देर रात को मौत हो गई है। सूचना मिलने पर परिवार के साथ थाने में भी सन्नाटा पसर गया। कोतवाली से एक दरोगा को मृत दरोगा के पैतृक गांव भेजा गया। कोतवाली का माहौल पूरे दिन गमगीन रहा। कोतवाल और थाने का अन्य स्टाफ पूरी स्थिति पर नजर रखे रहा।
दरअसल, जनपद मेरठ के थाना कंकड़ खेड़ा के गांव गोविंदपुरी निवासी चरन सिंह के 38 वर्षीय पुत्र निधिकांत पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे। वर्तमान में वह कोतवाली सासनी में तैनात थे। बताते हैं कि इससे पहले वह पीएसी में आरक्षी थे। वहां से वह नौकरी छोड़कर अध्यापक के पद पर तैनात हुए वहां से नौकरी छोड़ कर वर्ष 2017 में पुलिस में उप निरीक्षक बने।
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बुधवार की शाम को निधिकांत कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में वांछित अपराधी को पकड़ने के लिए गाजियाबाद गए थे। रात्रि करीब साढे़ 11 बजे वह गाजियाबाद से अपनी बुलट द्वारा लौट रहे थे। मेरठ के निकट एनएच संख्या 235 पर ग्राम फूटा अट्टा (छपरावत) थाना गुलावटी जिला बुलंदशहर के निकट सामने से आ रहे किसी वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बुलट क्षतिग्रस्त हो गई। घायल दरोगा को जिला अस्पताल मेरठ में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण घायल दरोगा को हायर मेडिकल सेंटर मेरठ भेजा गया। उपचार के दौरान घायल दरोगा निधिकांत की मौत हो गई। निधिकांत तीन भाई थे। वह तीनों में दूसरे नंबर के थे। उन्होंने अपने पीछे चार वर्षीय मासूम बच्ची एवं पत्नी को बिलखते हुए छोड़ा है।
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