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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Police handed the pen-book will no longer raw alcohol

अब नहीं बनाएंगे कच्ची शराब पुलिस ने थमाई कलम-किताब

Sat, 23 Jul 2016 11:50 PM IST
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस Updated Sat, 23 Jul 2016 11:50 PM IST
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एक-दो रुपये के लालच में इन मासूमों की जिंदगी कच्ची शराब के जहर में घुल रही थी। कोई अपने माता-पिता तो कोई बच्चा बस्ती में उतारी जा रही दूसरी शराब भट्ठियों के जरिये लोगों को कच्ची शराब पहुंचाने के धंधे में लगा था। सुबह से शाम तक उनका यही धंधा बन गया था।
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गंदे बदन, मुंह पर गालियां और मारपीट यही आदत बनती जा रही थी, लेकिन पुलिस के एक कदम ने इनकी दशा और दिशा बदल दी है। अब वह सुबह स्नान कर रहे हैं। साफ कपड़े पहनकर स्कूल जा रहे हैं।  
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जी हां यह उसी गिहारा बस्ती के बच्चे हैं जो कच्ची शराब के धंधे पर बदनाम है। पुलिस ने इस बस्ती के 40 बच्चों को चिन्हित किया जो स्कूल नहीं जाते थे। यह बच्चे परोक्ष-अपरोक्ष तौर पर कच्ची शराब के धंधे से जुड़े थे।
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भट्ठी से खोखे तक और गली में दूर खड़े लोगों तक कच्ची शराब की बोतल पहुंचाने और उनसे रुपये लाने में यह लगे थे। बदले में कभी एक तो कभी दो-तीन रुपये मिल जाते। यही उनकी दिनचर्या बन चुकी थी। कच्ची उम्र में जहरीली शराब का धंधा ही वह अपना जीवन न मान लें इस पर गंभीरता से विचार करते हुए पुलिस ने पहल की। 40 बच्चों का सरकारी स्कूल में दाखिला कराया है।
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