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विश्वास में दिया धोखा: पेट्रोल पंप पर किया कब्जा, न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज
Fri, 08 Nov 2024 11:39 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 08 Nov 2024 11:39 PM IST
सार
कपिल पर विश्वास करते हुए जमीन का इकरारनामा उसकी मां के नाम कर दिया।
इसके बाद पेट्रोल पंप का मुख्तारनामा भी कपिल की मां लीलावती के नाम कर दिया और वही पंप का संचालन करने लगी।
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पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
थाना हाथरस जंक्शन के गांव रडावली कैलोरा निवासी रमेश चंद्र ने धोखे से पेट्रोल पंप पर कब्जा करने और जान से मारने का प्रयास करने का मामला अदालत के आदेश पर दर्ज कराया है। पीड़ित ने न्यायालय में इसकी याचिका दायर की थी। अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
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याचिका में उसने लिखा था कि वह हाजीपुर हाथरस जंक्शन पर श्री रमन बिहारी किसान सेवा केंद्र के नाम से पेट्रोल पंप का संचालन करता है। इसी पेट्रोल पंप पर उसकी जान पहचान कपिल निवासी वाहनपुर से हो गई। व्यवसाय की वृद्धि करने के लिए उसने कपिल से वार्ता की तो वह पैसे लगाने के लिए तैयार हो गया। इसके एवज में उसने यह शर्त रखी कि जमीन का इकरारनामा उसकी मां के नाम करना होगा। उसकी मां को पेट्रोल पंप का भागीदार करना होगा। उसने कपिल पर विश्वास करते हुए जमीन का इकरारनामा उसकी मां के नाम कर दिया।
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इसके बाद पेट्रोल पंप का मुख्तारनामा भी कपिल की मां लीलावती के नाम कर दिया और वही पंप का संचालन करने लगी। वह अधिकतर बाहर रह कर काम में लगा रहता था। उन्होंने उससे विश्वास में लेकर चेकबुक पर उसके हस्ताक्षर करा लिए। लीलावती ने अपने पुत्र विवेक को पेट्रोल पंप का मैनेजर बना दिया। वह जब भी पेट्रोल पंप का हिसाब मांगता तो विवेक टालमटोल कर देता था।
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कपिल एवं उसकी मां, पिता प्रताप सिंह एवं भाई विवेक ने कूटरचित दस्तावेज से पेट्रोल पंप को हड़पने की तैयारी शुरू कर दी। इन लोगों ने उसे मात्र 80 लाख रुपये दिए थे। एक दिन जब वह हिसाब मांगने गया तो कपिल के मां-बाप ने अपने पुत्रों से कहा कि इसे जान से मार दो और पेट्रोल टैंक में फेंक दो। उनके कहने पर उन्होंने उसे धक्का दिया और मारने पीटने लगे। राहगीरों के आने पर उसकी जान बच सकी। अब न्यायालय के आदेश पर कोतवाली हाथरस जंक्शन ने उक्त चारों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है।