{"_id":"5fe0f2138ebc3e3ba24dad5c","slug":"people-of-20-villages-are-against-how-we-can-live-here-hathras-news-ali251733683","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब 20 गांव के लोग हमारे खिलाफ हों तो कैसे रह सकते हैं यहां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब 20 गांव के लोग हमारे खिलाफ हों तो कैसे रह सकते हैं यहां
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
बिटिया के परिजन अब जल्द से जल्द इस गांव छोड़ना चाहते हैं। उनका कहना है कि ऐसे में जब 20 गांव के लोग हमारे खिलाफ हैं तो आखिर हम यहां कैसे रह सकते हैं। उनका यह भी कहना है कि सीबीआई ने जिस तरह से उनके केस में चार्जशीट लगाई है, ऐसे में अब लगता है कि हमें इंसाफ मिलेगा। वहीं, सीआरपीएफ बिटिया के घर पर तैनात रही।
बिटिया के परिजनों का कहना है कि यहां का माहौल हमारे अनुकूल नहीं है। हमारी बेटी को कई दिन तक अस्पताल में तड़पती रही लेकिन गांव से उसे कोई देखने नहीं गया। आस-पास के 20 गांव के लोगों ने उनके खिलाफ पंचायत और की। जब 20 गांव के लोग हमारे खिलाफ हैं तो हम यहां कैसे रह सकते हैं। उनका यह भी कहना है कि सरकार ने नौकरी और आवास देने का वादा किया था लेकिन आज तक इस वादे कोे पूरा नहीं किया। कोई अधिकारी उनके इस सिलसिले में नहीं मिला। उन्होंने यह मांग भी की कि सरकार उन्हें आवास देे तो दिल्ली में दे। उनका केस भी दिल्ली ट्रांसफर किया जाए। उनका कहना है कि हम दिल्ली जाकर अपना कोई काम धंधा कर लेंगे।
दिल्ली का डॉन बोल रहा हूं कह किया था फोन
बिटिया के पिता ने इस बात को फिर सिरे से खारिज कर दिया है कि उनकी बेटी और आरोपी संदीप के रिश्ते थे और दोनों में बातचीत थी। उनका यह भी कहना है कि एक बार जरूर उनके नंबर पर यह फोन आया था कि मैं दिल्ली का डॉन बोल रहा हूं। जब इस नंबर के बारे में पता कराया गया तो यह नंबर संदीप का निकला। इसके बाद उसका कोई फोन नहीं आया। उन्होंने कहा कि दोनों के रिश्ते की बात भी आरोपी पक्ष ने ही उड़ाई है।
विज्ञापन
पांच साल की बच्ची से भी की थी सीबीआई ने पूछताछ
सीबीआई ने इस मामले में हर पहलू को लेकर छानबीन की और तब चार्जशीट दाखिल की। यहां तक कि सीबीआई ने बिटिया के बड़े भाई की पांच वर्ष की बच्ची से भी पूछताछ की। उससे सीबीआई पूछताछ करने के लिए फिरोजाबाद भी गई थी। बिटिया के भाई का कहना है कि बेटी ने वहीं बताया जो हुआ था।
विज्ञापन
बिटिया के परिजन अब जल्द से जल्द इस गांव छोड़ना चाहते हैं। उनका कहना है कि ऐसे में जब 20 गांव के लोग हमारे खिलाफ हैं तो आखिर हम यहां कैसे रह सकते हैं। उनका यह भी कहना है कि सीबीआई ने जिस तरह से उनके केस में चार्जशीट लगाई है, ऐसे में अब लगता है कि हमें इंसाफ मिलेगा। वहीं, सीआरपीएफ बिटिया के घर पर तैनात रही।
बिटिया के परिजनों का कहना है कि यहां का माहौल हमारे अनुकूल नहीं है। हमारी बेटी को कई दिन तक अस्पताल में तड़पती रही लेकिन गांव से उसे कोई देखने नहीं गया। आस-पास के 20 गांव के लोगों ने उनके खिलाफ पंचायत और की। जब 20 गांव के लोग हमारे खिलाफ हैं तो हम यहां कैसे रह सकते हैं। उनका यह भी कहना है कि सरकार ने नौकरी और आवास देने का वादा किया था लेकिन आज तक इस वादे कोे पूरा नहीं किया। कोई अधिकारी उनके इस सिलसिले में नहीं मिला। उन्होंने यह मांग भी की कि सरकार उन्हें आवास देे तो दिल्ली में दे। उनका केस भी दिल्ली ट्रांसफर किया जाए। उनका कहना है कि हम दिल्ली जाकर अपना कोई काम धंधा कर लेंगे।
विज्ञापन
दिल्ली का डॉन बोल रहा हूं कह किया था फोन
बिटिया के पिता ने इस बात को फिर सिरे से खारिज कर दिया है कि उनकी बेटी और आरोपी संदीप के रिश्ते थे और दोनों में बातचीत थी। उनका यह भी कहना है कि एक बार जरूर उनके नंबर पर यह फोन आया था कि मैं दिल्ली का डॉन बोल रहा हूं। जब इस नंबर के बारे में पता कराया गया तो यह नंबर संदीप का निकला। इसके बाद उसका कोई फोन नहीं आया। उन्होंने कहा कि दोनों के रिश्ते की बात भी आरोपी पक्ष ने ही उड़ाई है।
विज्ञापन
पांच साल की बच्ची से भी की थी सीबीआई ने पूछताछ
सीबीआई ने इस मामले में हर पहलू को लेकर छानबीन की और तब चार्जशीट दाखिल की। यहां तक कि सीबीआई ने बिटिया के बड़े भाई की पांच वर्ष की बच्ची से भी पूछताछ की। उससे सीबीआई पूछताछ करने के लिए फिरोजाबाद भी गई थी। बिटिया के भाई का कहना है कि बेटी ने वहीं बताया जो हुआ था।