Hathras News: धुंध से बढ़े आंखों में जलन व खराश के मरीज, हवा हुई जहरीली
आतिशबाजी की वजह से धुंध से हालात और गंभीर हो गए। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे धूप निकलती गई। इस कारण धुंध का प्रभाव कुछ कम जरूर हुआ, लेकिन शाम होते-होते धुंध की चादर फिर से तन गई। धुंध का सीधा-सीधा पर्यावरण पर असर दिखाई दिया। इस कारण हवा में भारीपन रहा और हवा जहरीली रही।
विस्तार
दिवाली और उसके बाद गोवर्धन पूजा के अवसर पर मंगलवार को हुई आतिशबाजी के बाद प्रदूषण घातक स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को भी पूरे दिन आसमान में धुंध की चादर तनी रही। इस कारण हवा काफी जहरीली रही। सांस के मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल में आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और खराश से पीड़ित करीब 100 मरीज बुधवार को पहुंचे। धुंध का असर सुबह यातायात पर भी दिखाई दिया। वाहन स्वामियों को वाहन चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
रोक के बाद भी हरियाणा और पंजाब में पराली जलाए जाने की वजह से कई दिनों से वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब बना हुआ है। धुंध की चादर लगातार तनी हुई है। रविवार को दिवाली और उसके बाद मंगलवार को गोवर्धन पूजा पर हुई आतिशबाजी के बाद से प्रदूषण का स्तर और ज्यादा खराब हो गया।
आतिशबाजी की वजह से धुंध से हालात और गंभीर हो गए। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे धूप निकलती गई। इस कारण धुंध का प्रभाव कुछ कम जरूर हुआ, लेकिन शाम होते-होते धुंध की चादर फिर से तन गई। धुंध का सीधा-सीधा पर्यावरण पर असर दिखाई दिया। इस कारण हवा में भारीपन रहा और हवा जहरीली रही। सांस, हार्ट व अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बीते कई दिनों से धुंध की चादर तनी है। बुधवार को भी पूरे दिन धुंध रहने से आंखों में जलन रही। -निखिल, आवास-विकास कॉलोनी
अब प्रदूषण और ज्यादा घातक स्तर पर पहुंच गया है। धुंध की वजह से आंखों में जलन हो रही है। -सतेंद्र सिंह, टाप रोड गिजरौली
बुधवार को ओपीडी में आंखों में जलन व सांस से संबंधित लगभग 100 मरीज पहुंचे। सभी को दवा उपलब्ध कराई गई। धुंध को देखते हुए लोग सुबह टहलने जाने से बचें। आंखों में अगर जलन हो रही है तो साफ पानी से आंखों को धोते रहें। ज्यादा परेशानी है तो बिना चिकित्सक की सलाह के कोई आई ड्रॉप न डालें। नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाने के बाद ही आई ड्रॉप डालें। -डॉ. सूर्यप्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
दिवाली के बाद हुई आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का आंकड़ा बढ़ गया है। मानक के अनुसार 100 माइक्रो ग्राम क्यूबिक होना चाहिए, लेकिन यह बढ़कर बुधवार को 260 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। -जेपी सिंह, प्रभारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अलीगढ़