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बेटी के सम्मान में कलेक्ट्रेट पर गरजे भाजपाई
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:50 PM IST
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दयाशंकर की पत्नी व बेटी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन करते भाजपाई।
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा से निष्कासित प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर की पत्नी व बेटी के प्रति लखनऊ में अशोभनीय टिप्पणी करने वाले बसपाइयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में भाजपाइयों ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया।
सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस फोर्स भी धरना स्थल पर तैनात रहा। धरना प्रदर्शन में हाथरस, सादाबाद, सिकंदराराऊ, सासनी, मुरसान, हसायन, सहपऊ से सैकड़ों की संख्या में भाजपाई शामिल हुए।
वक्ताओं ने कहा कि दयाशंकर द्वारा बसपा मुखिया के प्रति दिए गए विवादित बयान की भाजपा ने निंदा की और उन्हें निष्कासित भी कर दिया। लखनऊ में बसपा राष्ट्रीय महासचिव व विधायक नसीमुद्दीन सिद्दीकी द्वारा दयाशंकर की पत्नी व नाबालिग बेटी के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी से भाजपाइयों में भारी रोष है।
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वक्ताओं ने कहा कि मायावती को अपना अपमान तो लगता है, लेकिन वह कई बार सवर्णों का अपमान कर चुकी हैं। बसपा मुखिया को भाजपा ने ही चार बार मुख्यमंत्री बनाया और वर्ष 1995 में गेस्ट हाउस कांड में भी उन्हें सपा के गुुंडों से भाजपा नेताओं ने ही बचाया था।
बसपा के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए इस तरह के नाटक रचे जा रहे हैं। सवर्ण व दलित समाज के लोग आगामी विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देंगे। धरना के बाद ओसी कलेक्ट्रेट को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बसपा विधायक नसीमुद्दीन सिद्दीकी को सभी संवैधानिक एवं सांगठनिक पदों से बर्खास्त कर गिरफ्तार करने की मांग की गई।
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सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस फोर्स भी धरना स्थल पर तैनात रहा। धरना प्रदर्शन में हाथरस, सादाबाद, सिकंदराराऊ, सासनी, मुरसान, हसायन, सहपऊ से सैकड़ों की संख्या में भाजपाई शामिल हुए।
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वक्ताओं ने कहा कि दयाशंकर द्वारा बसपा मुखिया के प्रति दिए गए विवादित बयान की भाजपा ने निंदा की और उन्हें निष्कासित भी कर दिया। लखनऊ में बसपा राष्ट्रीय महासचिव व विधायक नसीमुद्दीन सिद्दीकी द्वारा दयाशंकर की पत्नी व नाबालिग बेटी के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी से भाजपाइयों में भारी रोष है।
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वक्ताओं ने कहा कि मायावती को अपना अपमान तो लगता है, लेकिन वह कई बार सवर्णों का अपमान कर चुकी हैं। बसपा मुखिया को भाजपा ने ही चार बार मुख्यमंत्री बनाया और वर्ष 1995 में गेस्ट हाउस कांड में भी उन्हें सपा के गुुंडों से भाजपा नेताओं ने ही बचाया था।
बसपा के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए इस तरह के नाटक रचे जा रहे हैं। सवर्ण व दलित समाज के लोग आगामी विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देंगे। धरना के बाद ओसी कलेक्ट्रेट को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बसपा विधायक नसीमुद्दीन सिद्दीकी को सभी संवैधानिक एवं सांगठनिक पदों से बर्खास्त कर गिरफ्तार करने की मांग की गई।