{"_id":"5956aab64f1c1bd9388b4763","slug":"partial-impact-of-the-shutdown-in-gst-s-opposition","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी के विरोध्ा में बंद का आंशिक असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी के विरोध्ा में बंद का आंशिक असर
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:31 AM IST
विज्ञापन
जीएसटी के विरोध्ा में बंद का आंशिक असर
- फोटो : Dig Vishal
अलीगढ़ में बंद का मिलाजुला असर रहा। सुबह में कुछ समय के लिए रेलवे रोड व मामू भांजा आदि में दुकानदारों ने दुकानें बंद रखीं, लेकिन 11 बजते-बजते पूरा बाजार अन्य दिनों की तरह खुल गया। जीएसटी में व्याप्त खामियों के विरोध में व्यापारिक संगठनों ने जरूर धरना, प्रदर्शन का आयोजन और ज्ञापन देकर अपनी आवाज बुलंद की।
शुक्रवार सुबह रेलवे रोड, मामू भांजा एवं बारहद्वारी समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में दुकानदारों ने कुछ समय के लिए दुकानें बंद रखीं, लेकिन 11 बजते-बजते एक के बाद एक दुकानें खुलती चली गई। महावीरगंज, कनवरीगंज, बड़ा बाजार, हलवाई खाना, फफाला मार्केट, बारहद्वारी, मदारगेट, रसलगंज, सराय हकीम, मदारगेट, आगरा रोड, अचलरोड, रामघाट रोड, जीटी रोड, सेंटर प्वाइंट आदि क्षेत्रों में तमाम दुकानें 11 बजे के पहले खुल गईं थी।
अमीर निशा आदि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में शुक्रवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। इसकी वजह से यहां की दुकानें बंद रहीं। किसी भी व्यापारिक संगठन के सदस्य बाजार बंद कराने नहीं निकले।कुछ संगठनों के नेताओं ने बाजार बंद को आंशिक सफल बताया, जबकि दूसरे संगठन के नेताओं ने बाजार बंद को फ्लाप शो करार दिया। कमिश्नरी में प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में कुछ व्यापारी नेताओं ने जीएसटी जिंदाबाद के नारे भी लगाए। विरोध में खड़े व्यापारी नेताओं का भी यही कहना था कि उनका विरोध जीएसटी नहीं, उसमें व्याप्त कुछ खामियों से है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार सुबह रेलवे रोड, मामू भांजा एवं बारहद्वारी समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में दुकानदारों ने कुछ समय के लिए दुकानें बंद रखीं, लेकिन 11 बजते-बजते एक के बाद एक दुकानें खुलती चली गई। महावीरगंज, कनवरीगंज, बड़ा बाजार, हलवाई खाना, फफाला मार्केट, बारहद्वारी, मदारगेट, रसलगंज, सराय हकीम, मदारगेट, आगरा रोड, अचलरोड, रामघाट रोड, जीटी रोड, सेंटर प्वाइंट आदि क्षेत्रों में तमाम दुकानें 11 बजे के पहले खुल गईं थी।
विज्ञापन
अमीर निशा आदि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में शुक्रवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। इसकी वजह से यहां की दुकानें बंद रहीं। किसी भी व्यापारिक संगठन के सदस्य बाजार बंद कराने नहीं निकले।कुछ संगठनों के नेताओं ने बाजार बंद को आंशिक सफल बताया, जबकि दूसरे संगठन के नेताओं ने बाजार बंद को फ्लाप शो करार दिया। कमिश्नरी में प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में कुछ व्यापारी नेताओं ने जीएसटी जिंदाबाद के नारे भी लगाए। विरोध में खड़े व्यापारी नेताओं का भी यही कहना था कि उनका विरोध जीएसटी नहीं, उसमें व्याप्त कुछ खामियों से है।
विज्ञापन