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पद्मावत सिनेमाघरों में चली तो होगा आंदोलन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:31 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : Amar Ujala
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बॉलीवुड फिल्म पद्मावती का नाम बदलकर पद्मावत किए जाने व 25 जनवरी को फिल्म की रिलीज तिथि तय होने के बाद राष्ट्रवादी प्रताप सेना ने डीएम, एसपी व सिनेमाघरों के संचालकों को ज्ञापन देकर फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है। प्रताप सेना के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय विद्यालय परिसर में एकत्रित होकर फिल्म के विरोध में शहर के विभिन्न बाजारों में होकर प्रदर्शनकारी जुलूस निकाला और तालाब चौराहे पर फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली का पुतला दहन कर नारेबाजी की।
फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की नाक काटने पर 20 लाख का इनाम रखने का विवादित बयान देने वाले राष्ट्रवादी प्रताप सेना के जिला प्रभारी निशांत चौहान ने कहा कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म का नाम बदलकर पद्मावत रखा है। इसी तरह हम भी पेट्रोल का नाम काल्पनिक रूप से बदल कर गंगाजल और लाठी का नाम बदल कर फूल रखते हुए फिल्म रिलीज होने पर सिनेमाघरों में गंगाजल छिड़कर फूलों की बरसात करेंगे। उन्होंने कहा कि अलाउद्दीन खिलजी लुटेरा, छली जाति का वंशज था।
महाराणा रत्न सिंह के जीते चित्तौड़ किले में प्रवेश तक नहीं कर पाया वह खिलजी महाराणा रत्न सिंह के सेनापति गोरा की तलवार की खनक सुनते ही कोसों दूर भाग जाता था। उस महा कायर खिलजी के साथ हमारी सती माता पद्मावती के साथ प्रेम प्रसंग दिखाने की हिम्मत जिस संजय लीला भंसाली ने की है उससे हिंदू व क्षत्रिय समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। फिल्म झूठे तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रसारण रोका जाए। यदि फिल्म रिलीज होने के बाद सिनेमाघरों में चलती है तो उग्र आंदोलन होगा जुलूस व पुतला दहन में प्रदेश उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह दरोगा, सुनील ठाकुर, माया देवी चौहान, रामकुमार गुप्ता, महाराज सिंह राना आदि थे।
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लक्ष्मण सिंह राणा, राजेंद्र सिंह राणा, आचार्य गोपाल, मुनी सिसौदिया, अतुल चौहान, दिलीप ठाकुर, उत्तम भारद्वाज, अनु ठाकुर, अनिल पवार, दीपांशु पचौरी, भाग्यपाल सिंह, सत्यप्रकाश, प्रशांत पचौरी, भूपेंद्र सिंह, विकास चौहान, सुनील ठाकुर, नितिन सिंह, केहरी सिंह, हरिओम सिंह, वेदप्रकाश शर्मा, मयंक सिसौदिया, आकाश ठाकुर, गोविंद ठाकुर, सुनील कुमार, रजत सिंह, दिनेश जादौन, रवेंद्र जादौन, कन्हैया शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, आकाश सिंह सहित काफी लोग शामिल थे।
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फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की नाक काटने पर 20 लाख का इनाम रखने का विवादित बयान देने वाले राष्ट्रवादी प्रताप सेना के जिला प्रभारी निशांत चौहान ने कहा कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म का नाम बदलकर पद्मावत रखा है। इसी तरह हम भी पेट्रोल का नाम काल्पनिक रूप से बदल कर गंगाजल और लाठी का नाम बदल कर फूल रखते हुए फिल्म रिलीज होने पर सिनेमाघरों में गंगाजल छिड़कर फूलों की बरसात करेंगे। उन्होंने कहा कि अलाउद्दीन खिलजी लुटेरा, छली जाति का वंशज था।
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महाराणा रत्न सिंह के जीते चित्तौड़ किले में प्रवेश तक नहीं कर पाया वह खिलजी महाराणा रत्न सिंह के सेनापति गोरा की तलवार की खनक सुनते ही कोसों दूर भाग जाता था। उस महा कायर खिलजी के साथ हमारी सती माता पद्मावती के साथ प्रेम प्रसंग दिखाने की हिम्मत जिस संजय लीला भंसाली ने की है उससे हिंदू व क्षत्रिय समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। फिल्म झूठे तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रसारण रोका जाए। यदि फिल्म रिलीज होने के बाद सिनेमाघरों में चलती है तो उग्र आंदोलन होगा जुलूस व पुतला दहन में प्रदेश उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह दरोगा, सुनील ठाकुर, माया देवी चौहान, रामकुमार गुप्ता, महाराज सिंह राना आदि थे।
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लक्ष्मण सिंह राणा, राजेंद्र सिंह राणा, आचार्य गोपाल, मुनी सिसौदिया, अतुल चौहान, दिलीप ठाकुर, उत्तम भारद्वाज, अनु ठाकुर, अनिल पवार, दीपांशु पचौरी, भाग्यपाल सिंह, सत्यप्रकाश, प्रशांत पचौरी, भूपेंद्र सिंह, विकास चौहान, सुनील ठाकुर, नितिन सिंह, केहरी सिंह, हरिओम सिंह, वेदप्रकाश शर्मा, मयंक सिसौदिया, आकाश ठाकुर, गोविंद ठाकुर, सुनील कुमार, रजत सिंह, दिनेश जादौन, रवेंद्र जादौन, कन्हैया शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, आकाश सिंह सहित काफी लोग शामिल थे।