तालाब पर जल्द पूरी होगी ओवरब्रिज की आस
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विकास शर्मा
हाथरस। जाम की विभीषिका से जूझते शहरवासियों के लिए आगामी रेल बजट खुशियों की सौगात लेकर आ सकता है। तालाब चौराहे पर बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज का तोहफा आने वाले रेल बजट से मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने डीएम की सिफारिश पर प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया है। रेल मंत्रालय ने भी यूपी सरकार के इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति जता दी है, जिसके बाद प्रस्ताव को दिल्ली भेजा गया है। उम्मीद है कि रेल बजट में इसकी घोषणा हो सकती है, जिसके बाद ‘हार्ट ऑफ सिटी’ कहे जाने वाले शहर के तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
इन तथ्यों के साथ डीएम ने भेजा था प्रस्ताव
तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज का प्रस्ताव मौजूदा डीएम शमीम अहमद ने अपने पिछले कार्यकाल में राज्य सरकार को भिजवाया था। उन्होंने प्रस्ताव में साफ कहा था कि जाम की समस्या से जूझते इस चौराहे पर ओवरब्रिज का निर्माण बेहद जरूरी है। चौराहे पर आए-दिन लगने वाले जाम से न केवल आम नागरिकों के वक्त की बर्बादी होती है, बल्कि जिला अस्पताल जैसा महत्वपूर्ण स्थल होने से अक्सर जाम के चलते गंभीर मरीजों की यहां तक पहुंचने से पहले ही मौत हो जाती है। ऐसी तमाम दलीलों के साथ गए डीएम के इस प्रस्ताव को राज्य सरकार ने तुरंत मान लिया।
जनप्रतिनिधि भी कर रहे हैं पैरवी
हालांकि जनप्रतिनिधि भी लंबे समय से इस प्रस्ताव के लिए पैरवी कर रहे हैं। मामला संसद और विधानसभा तक में उठ चुका है। फतेहपुर सीकरी की पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय ने तत्कालीन रेल मंत्री के सामने यह मुुद्दा उठाया था, जबकि हाथरस के पूर्व और मौजूदा सांसद राजेश दिवाकर भी इस समस्या को रेल मंत्रालय के संज्ञान में ला चुके हैं। सांसद ने तो इस बारे में रेल मंत्रालय से पत्राचार भी किया है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयास का ही नतीजा है कि ओवरब्रिज की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
राज्य कर चुका है 27.67 करोड़ रुपये मंजूर
ओवरब्रिज को लेकर सरकार ने इस साल महत्वपूर्ण कदम उठाया। राज्य सरकार ने बीते साल ही ओवरब्रिज के लिए अपने हिस्से का अंशदान देने की घोषणा कर दी। उस समय डीएम रहे शमीम अहमद की पहल पर शासन ने 27.67 करोड़ रुपये का एस्टीमेट मंजूर कर दिया और अपने हिस्से की 50 फीसदी धनराशि भी स्वीकृत कर दी। शासन की तरफ से पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर ओवरब्रिज निर्माण के लिए अपनी स्वीकृति देने और अपने हिस्से का निर्धारित 50 फीसदी अंशदान जारी करने का अनुरोध भी किया जा चुका है।
यूपी सरकार की तरफ से यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। नए रेल बजट में इसकी घोषणा हो जाने की पूरी उम्मीद है।
-शमीम अहमद, डीएम हाथरस