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नवरात्र के चौथे दिन भी देवी मंदिरों में रात तक लगा भक्तों का तांता
Wed, 10 Apr 2019 12:27 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Wed, 10 Apr 2019 12:27 AM IST
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चामड़ गेट स्थित मां चामुंडा के किए गए भव्य शृंगार।
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। चैत्रीय नवरात्र के चौथे दिन घर-घर में देवी के चौथे स्वरूप कुष्मांडा की पूजा की गई। मंदिरों में दोपहर तक जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही, जबकि रात तक देवी के मनोहारी शृंगार के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
देवी कुष्मांडा की पूजा के लिए शहर के प्रमुख देवी मंदिरों सुबह ही भक्तों की भीड़ नजर आने लगी। तड़के से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार लग गईं। कोई महामाई के दरबार में हाथ में दीपक लेकर आरती कर रहा था तो कहीं जलाभिषेक के लिए इंतजार हो रहा था।
पथवारी मंदिर, चामड़ माता मंदिर, प्राचीन बौहरे वाली देवी मंदिर, चामुंडा मंदिर, शीतला मंदिर, शांता मां मंदिर, हाथुरसी देवी और अन्य मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिरों में सुबह से ही माता के जयकारों से गूंजने लगे। देवी मंदिरों में शाम को भजन-कीर्तन का दौर चला। प्रसाद वितरण का कार्यक्रम हुआ। शाम को भी भक्तों ने घी और धूप से देवी की आरती उतारकर मनौती मांगी। मंदिर सतरंगी रोशनी से सराबोर नजर आए।
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देवी कुष्मांडा की पूजा के लिए शहर के प्रमुख देवी मंदिरों सुबह ही भक्तों की भीड़ नजर आने लगी। तड़के से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार लग गईं। कोई महामाई के दरबार में हाथ में दीपक लेकर आरती कर रहा था तो कहीं जलाभिषेक के लिए इंतजार हो रहा था।
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पथवारी मंदिर, चामड़ माता मंदिर, प्राचीन बौहरे वाली देवी मंदिर, चामुंडा मंदिर, शीतला मंदिर, शांता मां मंदिर, हाथुरसी देवी और अन्य मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिरों में सुबह से ही माता के जयकारों से गूंजने लगे। देवी मंदिरों में शाम को भजन-कीर्तन का दौर चला। प्रसाद वितरण का कार्यक्रम हुआ। शाम को भी भक्तों ने घी और धूप से देवी की आरती उतारकर मनौती मांगी। मंदिर सतरंगी रोशनी से सराबोर नजर आए।
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