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टोल प्लाजा फ्री कराने पहुंचे भाकियू नेताओं से नोकझोंक
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बरौस टोल प्लाजा पर किसान नेताओं और पुलिस कर्मियों में होती धक्का-मुक्की।
- फोटो : SADABAD
संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
कृषि कानूनों पर जारी गतिरोध के बीच शनिवार की सुबह बरौस टोल प्लाजा फ्री कराने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन भानू के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और पुलिस कर्मियों के बीच नोकझोंक हो गई। पुलिस ने इन किसान नेताओं को टोल प्लाजा से खदेड़ दिया। इसके कुछ देर बाद ही अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गया। एसडीएम, सीओ और अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति को संभाला।
गौरतलब हो कि कृषि कानूनों के विरोध को लेकर चल रहे आंदोलन को लेकर जिले का पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट था। किसान आंदोलन के तहत टोल प्लाजा को फ्री करने को लेकर बरौस टोल प्लाजा पर शनिवार की सुबह ही कई थानों की पुलिस और पीएसी फोर्स पहुंच गई। बरौस टोल प्लाजा पर चप्पे चप्पे पर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई। सुबह करीब 10 बजे टोल प्लाजा पर भाकियू भानू गुट के कुछ कार्यकर्ता व पदाधिकारी टोल प्लाजा फ्री कराने पहुंच गए। इन्हें जब पुलिस ने टोल की तरफ बढ़ते देखा तो मौकेे पर आए सादाबाद कोतवाल और अन्य पुलिस कर्मियों ने रोक लिया और समझा-बुझाकर वापस लौट जाने को कहा।
बताते हैं कि इस दौरान इन किसान नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। किसान नेता नारेबाजी करते हुए वहां से चले गए। इधर, भाकियू भानू के प्रदेश महासचिव पवन समाधिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाए कि जब वह सादाबाद के बरौस टोल प्लाजा पर पहुंचे तो वहां सादाबाद पुलिस द्वारा उनके व जिलाध्यक्ष के साथ अभद्रता की गई है। कोतवाल सादाबाद ने बताया कि किसान नेताओं को समझाबुझाकर सिर्फ बैरियर से हटाया गया था, उनसे किसी भी तरह की कोई अभद्रता नहीं की गई है। इधर, एसडीएम राजेश कुमार, सीओ ब्रह्म सिंह भी सुबह से लेकर रात करीब आठ बजे तक टोल प्लाजा पर मौजूद रहे। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि टोल प्लाजा पर सामान्य रूप से रोजाना की तरह पूरे दिन वाहनों का आवागमन हुआ है।
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कृषि कानूनों पर जारी गतिरोध के बीच शनिवार की सुबह बरौस टोल प्लाजा फ्री कराने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन भानू के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और पुलिस कर्मियों के बीच नोकझोंक हो गई। पुलिस ने इन किसान नेताओं को टोल प्लाजा से खदेड़ दिया। इसके कुछ देर बाद ही अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गया। एसडीएम, सीओ और अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति को संभाला।
गौरतलब हो कि कृषि कानूनों के विरोध को लेकर चल रहे आंदोलन को लेकर जिले का पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट था। किसान आंदोलन के तहत टोल प्लाजा को फ्री करने को लेकर बरौस टोल प्लाजा पर शनिवार की सुबह ही कई थानों की पुलिस और पीएसी फोर्स पहुंच गई। बरौस टोल प्लाजा पर चप्पे चप्पे पर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई। सुबह करीब 10 बजे टोल प्लाजा पर भाकियू भानू गुट के कुछ कार्यकर्ता व पदाधिकारी टोल प्लाजा फ्री कराने पहुंच गए। इन्हें जब पुलिस ने टोल की तरफ बढ़ते देखा तो मौकेे पर आए सादाबाद कोतवाल और अन्य पुलिस कर्मियों ने रोक लिया और समझा-बुझाकर वापस लौट जाने को कहा।
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बताते हैं कि इस दौरान इन किसान नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। किसान नेता नारेबाजी करते हुए वहां से चले गए। इधर, भाकियू भानू के प्रदेश महासचिव पवन समाधिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाए कि जब वह सादाबाद के बरौस टोल प्लाजा पर पहुंचे तो वहां सादाबाद पुलिस द्वारा उनके व जिलाध्यक्ष के साथ अभद्रता की गई है। कोतवाल सादाबाद ने बताया कि किसान नेताओं को समझाबुझाकर सिर्फ बैरियर से हटाया गया था, उनसे किसी भी तरह की कोई अभद्रता नहीं की गई है। इधर, एसडीएम राजेश कुमार, सीओ ब्रह्म सिंह भी सुबह से लेकर रात करीब आठ बजे तक टोल प्लाजा पर मौजूद रहे। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि टोल प्लाजा पर सामान्य रूप से रोजाना की तरह पूरे दिन वाहनों का आवागमन हुआ है।

ृस टोल प्लाजा पर सादाबाद कोतवाल से किसान नेता की होती नोकझोंक।- फोटो : SADABAD
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