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Hathras News: लू और गर्म हवाओं से बचाव के लिए अधिसूचना जारी, बचाव के लिए यह करें
Mon, 03 Apr 2023 11:15 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Mon, 03 Apr 2023 11:15 PM IST
सार
गर्मी में शरीर के द्रव्य, बॉडी फ्ल्यूड सूखने लगता है। शरीर से पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, मोटापा, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह का होना इत्यादि कारक व्यक्ति को लू लगने की संभावना को अधिक बढ़ा देते हैं।
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weather up, गर्मी, लू, यूपी मौसम
- फोटो : amar ujala
विस्तार
गर्मी के मौसम में गर्म हवाओं और लू से बचाव को लेकर प्रशासन की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। लोगों को धूप से बचाव करने, ढ़ीले वस्त्र पहनने और पानी पीते रहने की सलाह दी गई है।
जिला आपदा विशेषज्ञ लेखराज सिंह ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक जब स्थानीय तापमान लगातार तीन दिन तक सामान्य तापमान से तीन डिग्री सेल्सियस कम या अधिक बना रहे तो उसे लू कहते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी में शरीर के द्रव्य, बॉडी फ्ल्यूड सूखने लगता है। शरीर से पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, मोटापा, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह का होना इत्यादि कारक व्यक्ति को लू लगने की संभावना को अधिक बढ़ा देते हैं।
लाल, शुष्क त्वचा का होना और लगातार पसीना आना इसके लक्षण है। इससे लिए अधिक से अधिक पानी पीएं। यदि प्यास नहीं भी हो तब भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। हल्के रंग के पसीना शोषित करने वाले ढ़ीले वस्त्र पहनें। धूप के चश्में, छाता, टोपी व चप्पल का प्रयोग करें। यदि खुले में कार्य करने की आवश्यकता हो तो सिर, चेहरा, हाथ और पैरों को कपड़े से ढ़क कर रहें तथा छतरी का प्रयोग करें। लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़े से पोंछें तथा चिकित्सक से संपर्क करें।
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जिला आपदा विशेषज्ञ लेखराज सिंह ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक जब स्थानीय तापमान लगातार तीन दिन तक सामान्य तापमान से तीन डिग्री सेल्सियस कम या अधिक बना रहे तो उसे लू कहते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी में शरीर के द्रव्य, बॉडी फ्ल्यूड सूखने लगता है। शरीर से पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, मोटापा, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह का होना इत्यादि कारक व्यक्ति को लू लगने की संभावना को अधिक बढ़ा देते हैं।
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लाल, शुष्क त्वचा का होना और लगातार पसीना आना इसके लक्षण है। इससे लिए अधिक से अधिक पानी पीएं। यदि प्यास नहीं भी हो तब भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। हल्के रंग के पसीना शोषित करने वाले ढ़ीले वस्त्र पहनें। धूप के चश्में, छाता, टोपी व चप्पल का प्रयोग करें। यदि खुले में कार्य करने की आवश्यकता हो तो सिर, चेहरा, हाथ और पैरों को कपड़े से ढ़क कर रहें तथा छतरी का प्रयोग करें। लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़े से पोंछें तथा चिकित्सक से संपर्क करें।
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