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Hathras News: पंजीकरण न कराने वाले होम्योपैथी चिकित्सकों पर शिकंजा
Wed, 25 Mar 2026 02:07 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 25 Mar 2026 02:07 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Graphical
जिले में बिना वैध पंजीकरण के क्लीनिक संचालित कर रहे होम्योपैथिक चिकित्सकों के विरुद्ध विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो चिकित्सक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण पूर्ण नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली है।
जिले में वर्तमान में लगभग 75 होम्योपैथी चिकित्सक प्रैक्टिस कर रहे हैं, लेकिन विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक केवल 40 चिकित्सकों ने ही अपना विधिवत पंजीकरण कराया है।
इस विसंगति को देखते हुए जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी ने सभी गैर-पंजीकृत चिकित्सकों को 31 मार्च तक का समय दिया है। विभाग का कहना है कि यह चेतावनी अंतिम है। इसके बाद बिना किसी पूर्व सूचना के क्लीनिकों की जांच कर उन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पंजीकरण से विभागीय निगरानी आसान हो जाएगी।
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डिजिटल मिशन से जुड़ना अनिवार्य
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अब चिकित्सकों की समस्त जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होना आवश्यक है। इसके लिए दो तरह के पंजीकरण अनिवार्य किए गए हैं। पहला हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्टरी (एचपीआर), जिसमें चिकित्सक को व्यक्तिगत रूप से अपना पेशेवर विवरण दर्ज करना होता है। इस साल से हेल्थ फेसिलिटी रजिस्टरी (एचएफआर) को भी जोड़ा गया है, इसमें जिस स्थान पर क्लीनिक या अस्पताल बनाकर चिकित्सा दी जा रही है, उसकी जानकारी देनी होती है।
सभी होम्योपैथिक चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पोर्टल पर अपना विवरण अपडेट करें। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत पंजीकरण होने से चिकित्सा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और मरीजों को भी सही जानकारी मिल सकेगी।
-डाॅ. अशोक चौहान, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, हाथरस
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जिले में वर्तमान में लगभग 75 होम्योपैथी चिकित्सक प्रैक्टिस कर रहे हैं, लेकिन विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक केवल 40 चिकित्सकों ने ही अपना विधिवत पंजीकरण कराया है।
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इस विसंगति को देखते हुए जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी ने सभी गैर-पंजीकृत चिकित्सकों को 31 मार्च तक का समय दिया है। विभाग का कहना है कि यह चेतावनी अंतिम है। इसके बाद बिना किसी पूर्व सूचना के क्लीनिकों की जांच कर उन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पंजीकरण से विभागीय निगरानी आसान हो जाएगी।
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डिजिटल मिशन से जुड़ना अनिवार्य
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अब चिकित्सकों की समस्त जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होना आवश्यक है। इसके लिए दो तरह के पंजीकरण अनिवार्य किए गए हैं। पहला हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्टरी (एचपीआर), जिसमें चिकित्सक को व्यक्तिगत रूप से अपना पेशेवर विवरण दर्ज करना होता है। इस साल से हेल्थ फेसिलिटी रजिस्टरी (एचएफआर) को भी जोड़ा गया है, इसमें जिस स्थान पर क्लीनिक या अस्पताल बनाकर चिकित्सा दी जा रही है, उसकी जानकारी देनी होती है।
सभी होम्योपैथिक चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पोर्टल पर अपना विवरण अपडेट करें। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत पंजीकरण होने से चिकित्सा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और मरीजों को भी सही जानकारी मिल सकेगी।
-डाॅ. अशोक चौहान, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, हाथरस