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एआरवी नहीं लगाने पर अस्पताल में हंगामा, नोकझोंक
अमर उजाला, हाथरस
Updated Mon, 09 Jan 2017 11:33 PM IST
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जिला अस्पताल में एआरबी के इंजेक्शन न लगने पर हंगामा करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल मेें एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) नहीं लगाए जाने पर सोमवार को कुत्ता काटने के शिकार मरीजों और उनके तीमारदारों ने जमकर हंगामा काटा। इस दौरान मरीजों और तीमारदारों की चिकित्सक व कर्मियों से भी नोक-झोंक भी हुई। काफी लोगों ने देहात में एआरवी के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया।
जिले के अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं है। बीते दस दिनों से एआरवी की काफी किल्लत चल रही है। सादाबाद, सिकंदराराऊ, सहपऊ और सासनी साहित अन्य कस्बाई और देहाती इलाकों की सीएचसी पर भी मरीजों को कुत्ता काटे के शिकार मरीजों को इंजेक्शन नहीं लगाए जा रहे।
ऐसे में देहात और कस्बाई इलाकों के मरीज भी अब जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां भी सीमित मात्रा में एआरबी इंजेक्शन होने के कारण मरीजों को एआरवी का लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्हें मजबूरी में प्राइवेट रूप से मेडिकल स्टोरों से महंगे इंजेक्शन खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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सोमवार को जिला अस्पताल में सादाबाद, सिकंदराराऊ सहित अन्य कई ग्रामीण इलाकों के मरीज काफी संख्या में एआरवी लगवाने के लिए पहुंच गए। काफी संख्या में आए मरीजों को देखकर चिकित्सक भी हैरान रह गए।
जब चिकित्सकों ने मरीजों से यह कहा कि वह अपने अपने क्षेत्र की सीएचसी पर एआरवी लगवाएं तो मरीज हंगामा करने लगे। मरीजों का कहना था कि सीएचसी पर एआरबी कई दिनों से उपलब्ध नहीं है, वह चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
देहाती इलाकों के मरीजों से कहना है कि अगर कस्बा और देहात की सीएचसी पर एआरबी नहीं है तो वह रेफर स्लिप लेकर जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने आएं। सोमवार को सभी मरीजों के इंजेक्शन लगवा दिए हैं। मरीजों ने कोई हंगामा नहीं किया।
- डॉ. आईबी सिंह, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल।
- एआरवी की डिमांड भेज दी गई है, जल्द ही इंजेक्शन सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच जाएंगे और लोगों की समस्या का समाधान भी हो जाएगा।
- डॉ. रामवीर सिंह, सीएमओ, हाथरस
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जिले के अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं है। बीते दस दिनों से एआरवी की काफी किल्लत चल रही है। सादाबाद, सिकंदराराऊ, सहपऊ और सासनी साहित अन्य कस्बाई और देहाती इलाकों की सीएचसी पर भी मरीजों को कुत्ता काटे के शिकार मरीजों को इंजेक्शन नहीं लगाए जा रहे।
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ऐसे में देहात और कस्बाई इलाकों के मरीज भी अब जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां भी सीमित मात्रा में एआरबी इंजेक्शन होने के कारण मरीजों को एआरवी का लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्हें मजबूरी में प्राइवेट रूप से मेडिकल स्टोरों से महंगे इंजेक्शन खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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सोमवार को जिला अस्पताल में सादाबाद, सिकंदराराऊ सहित अन्य कई ग्रामीण इलाकों के मरीज काफी संख्या में एआरवी लगवाने के लिए पहुंच गए। काफी संख्या में आए मरीजों को देखकर चिकित्सक भी हैरान रह गए।
जब चिकित्सकों ने मरीजों से यह कहा कि वह अपने अपने क्षेत्र की सीएचसी पर एआरवी लगवाएं तो मरीज हंगामा करने लगे। मरीजों का कहना था कि सीएचसी पर एआरबी कई दिनों से उपलब्ध नहीं है, वह चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
देहाती इलाकों के मरीजों से कहना है कि अगर कस्बा और देहात की सीएचसी पर एआरबी नहीं है तो वह रेफर स्लिप लेकर जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने आएं। सोमवार को सभी मरीजों के इंजेक्शन लगवा दिए हैं। मरीजों ने कोई हंगामा नहीं किया।
- डॉ. आईबी सिंह, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल।
- एआरवी की डिमांड भेज दी गई है, जल्द ही इंजेक्शन सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच जाएंगे और लोगों की समस्या का समाधान भी हो जाएगा।
- डॉ. रामवीर सिंह, सीएमओ, हाथरस