{"_id":"60a550588ebc3e14c625b9d7","slug":"negligence-will-not-be-tolerated-in-kovid-hospitals-hathras-news-ali263474590","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोविड अस्पतालों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोविड अस्पतालों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
क्षेत्रीय सांसद राजवीर दिलेर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक की और कोरोना की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और अधिकारियों से जरूरी जानकारियां भी जुटाईं। इस मौके पर डीएम रमेश रंजन, सीडीओ आरबी भास्कर, सीएमओ और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
डीएम रमेश रंजन ने सांसद को बताया कि गांव और शहरों में निगरानी समितियां काम कर रही हैं। वह घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं और उन्हें जागरूक भी कर रही हैं। सांसद ने कहा कि कोविड अस्पतालों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कठिन समय में लोगों को सही और सुलभ उपचार दिया जाना चाहिए।
इसके साथ ही होम आइसोलेट मरीजों की सूची बनाकर उन्हें भी जरूरी दवाएं व किट पहुंचाने का कार्य भी किया जाए, जिससे लोगों को समस्या का सामना न करना पड़े। बैठक के बाद सांसद ने कहा कि जिले में पहले भी ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी और न होने दी जाएगी। पहले के मुकाबले हाथरस में कोविड मरीजों का ग्राफ कम हो रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही यह जिला कोरोना मुक्त होगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि निगरानी समिति को लेकर कुछ शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसे लेकर वह स्वयं जल्द ही गांवों जाकर निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों के कमजोर वर्ग को एक माह के लिए एक हजार रुपये प्रति माह भरण पोषण भत्ता देने का निर्णय लिया है। शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परंपरागत कामगारों को इस योजना से लाभान्वित कराया जाए।
विज्ञापन
क्षेत्रीय सांसद राजवीर दिलेर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक की और कोरोना की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और अधिकारियों से जरूरी जानकारियां भी जुटाईं। इस मौके पर डीएम रमेश रंजन, सीडीओ आरबी भास्कर, सीएमओ और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
डीएम रमेश रंजन ने सांसद को बताया कि गांव और शहरों में निगरानी समितियां काम कर रही हैं। वह घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं और उन्हें जागरूक भी कर रही हैं। सांसद ने कहा कि कोविड अस्पतालों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कठिन समय में लोगों को सही और सुलभ उपचार दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
इसके साथ ही होम आइसोलेट मरीजों की सूची बनाकर उन्हें भी जरूरी दवाएं व किट पहुंचाने का कार्य भी किया जाए, जिससे लोगों को समस्या का सामना न करना पड़े। बैठक के बाद सांसद ने कहा कि जिले में पहले भी ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी और न होने दी जाएगी। पहले के मुकाबले हाथरस में कोविड मरीजों का ग्राफ कम हो रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही यह जिला कोरोना मुक्त होगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि निगरानी समिति को लेकर कुछ शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसे लेकर वह स्वयं जल्द ही गांवों जाकर निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों के कमजोर वर्ग को एक माह के लिए एक हजार रुपये प्रति माह भरण पोषण भत्ता देने का निर्णय लिया है। शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परंपरागत कामगारों को इस योजना से लाभान्वित कराया जाए।